जयपुर: राजस्थान विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में नए जिलों और तहसील बनाने से जुड़े सवाल पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच जमकर नोकझोंक हुई. कुछ देर सदन में हंगामे के हालात बन गए. वही उद्यमियों को व्यापार हेतु सहायता के लिए उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ व जूली में भी लंबी बहस चली. प्रश्नकाल में जल जीवन मिशन में गड़बड़ी के चलते प्रोजेक्ट्स बंद होने का मुद्दा भी गूंजा. राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल हो, सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने हो , ऐसे में वाद विवाद या नोकझोक न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता.
ऐसा ही नजारे आज भी देखने को मिले. प्रदेश में नए जिलों और तहसील बनाने से जुड़े सवाल पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली उलझ गए. प्रश्न कांग्रेस विधायक गीता बरवड़ का था. उन्होंने आसोप उपतहसील को तहसील में क्रमोन्न्त करने का सवाल पूछा था. जवाब में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन और पुनर्गठन के लिए ललित के पवार कमेटी बनी हुई है. कमेटी की रिपोर्ट के बाद नई तहसीलों पर फैसला होगा. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूछा -नए जिले के खालेंगे क्या? इस पर राजस्व मंत्री ने कहा- पिछली सरकार ने राजीतिक लाभ के लिए नए जिले बनाए थे, जिले ले जाओ, तहसील ले जाओ और कोई प्रक्रिया का पालन नहीं किया.
वही अजमेर दक्षिण से विधायक अनिता भदेल ने उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों का देश विदेश के बाज़ारों में व्यापार करने के लिए सहायता प्रदान करते हेतु 30 करोड़ के बजट के बारे में सवाल किया. उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि इसके लिए 30 करोड़ का प्रावधान है. अनिता भदेल तो मंत्री के जवाब से संतुष्ट नज़र आई लेकिन नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के पूरक प्रश्नों ने उद्योग मंत्री को उलझा लिया. जूली ने कहा कि जब अधिकतम तीन लाख रुपये देने का प्रावधान है तो फिर झालावाड़ की एक फ़र्म को ज़्यादा राशि क्यो दी?
इसके अलावा विधानसभा में बुधवार को जमवारामगढ़ में जेजेएम का मामला उठा. जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि जमवारामगढ़ के 234 ग्रामों को लाभान्वित करने के लिए 217 योजनाओं की स्वीकृति थी. इनमें 62 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी है. 42 योजनाओं का कार्य प्रगति रत है. कोर्ट में मामले चलने के कारण 58 योजनाएं बंद है.मंत्री ने कहा हमारी कोशिश होगी स्टे तुड़वाए.
वहीं नर्मदा नहर परियोजना में अंतिम छोर वाले काश्तकार को पानी नहीं मिलने का मुद्दा उठाया तो जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री भजनलाल आए है तब से दो साल में प्रदेश में अच्छी बारिश हुई है.उनका पगफेरा राजस्थान प्रदेश के लिए शुभ है. प्रश्नकाल में नीम का थाना के विधायक सुरेश मोदी ने कहा कि किसानों को साल में ढाई महीने बिजली चाहिए और उसे ढाई महीने में निगम के तकनीकी ख़राबी की वजह से ट्रांसफॉर्मर जल जाते हैं और किसानों को बिजली नहीं मिल पाती ट्रांसफॉर्मर बदलने में 72 घंटे का दावा सरकार कर रही है लेकिन 72 दिन लग रहे हैं.