Rajya Sabha Elections 2026: बीजेपी में उम्मीदवार चयन मंथन, 26 मई को मदन राठौड़ का दिल्ली दौरा प्रस्तावित, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में राज्यसभा चुनावों को लेकर हलचल है. एक ओर बीजेपी के प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे है दूसरी ओर राज्यसभा चुनावों की राजनीति, बीजेपी दो सीटों की जद्दोजहद है . 27 मई से टिकट पर मंथन तेज हो जाएगा. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का 26 मई को दिल्ली दौरा प्रस्तावित है. संगठन के प्रति समर्पण फॉर्मूले ही अहम होगा.

राजनेता या समाजिक हस्ती...इन दोनों विकल्पों पर बीजेपी राज्यसभा चुनावों के टिकटों के मद्देनजर गौर कर रही. केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से हो राज्यसभा जायेंगे इसे लेकर भी फैसला होना शेष है. हालांकि वो राजस्थान से नहीं है. यही कारण है कि दो सीटों पर बीजेपी के स्थानीय नेता चाहते है कि राजस्थान से ही हो उम्मीदवार. अलबत्ता ये बात अंदरखाने उठी ही, उधर उम्मीदवार चयन में एक बात को लेकर जरूर फार्मूला तय हुआ है.

-- राज्यसभा की दौड़ और चयन फॉर्मूला --
. बीजेपी की विचारधारा को मानने वाला
.बीजेपी संगठन के प्रति समर्पण का भाव
.विचार परिवार के प्रति रही हो आस्था
.राजनीति के साथ बेदाग सामाजिक छवि 
. संगठन में दायित्व के प्रति वफादारी का भाव रहा हो
. हिंदुत्व,राष्ट्रवाद विचारधारा को फॉलो करने वाला हो
. राजनीतिक तौर पर असर छोड़ने वाला चेहरा

राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार चयन के मसले पर 26 मई को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का दिल्ली दौरा प्रस्तावित है. उनकी मुलकात बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री से होगी. कहा जा रहा अब तक जितने भी नाम राज्यसभा के दावेदारों के आए थे उन सभी को आलाकमान तक भिजवा दिया गया है.

--- राज्यसभा की दौड़ और प्रमुख दावेदार ---
रवनीत सिंह बिट्टू केंद्रीय मंत्री 
राजेंद्र राठौड़ पूर्व नेता प्रतिपक्ष
सतीश पूनिया पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष 
सुनील बंसल बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री 
अलका सिंह गुर्जर राष्ट्रीय मंत्री बीजेपी
प्रभुलाल सैनी पूर्व मंत्री
राजेंद्र गहलोत पूर्व राज्यसभा सांसद
अरुण चतुर्वेदी अध्यक्ष राज्य वित्त आयोग 
पूर्व IRS सुनीता बैंसला पुत्री गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला 
नरसी कुलहरिया समाजसेवी
कैलाश चौधरी पूर्व केंद्रीय मंत्री
रंजीता कोली पूर्व सांसद

समाजसेवी और विचार परिवार से ताल्लुक रखने वाले चेहरे को भी आगे किया जा सकता है. अलबत्ता बंगाल में मेहनत और जीत ने राजेंद्र राठौड़ के नाम को मजबूती दी है. वहीं सतीश पूनिया ने हरियाणा में सफलता दिलवाई. पश्चिम बंगाल में जीत का परचम लहराने वाले सुनील बंसल के नाम को भी प्रमुखता से लिया जा रहा. अंतिम निर्णय आलाकमान को लेना है.