बच्चों की गवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय, बाल गवाही को सीधे तौर पर नहीं किया जा सकता खारिज

बच्चों की गवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय, बाल गवाही को सीधे तौर पर नहीं किया जा सकता खारिज

नई दिल्लीः बच्चों की गवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है बाल गवाही को सीधे तौर पर खारिज नहीं किया जा सकता है. यदि प्रश्नों को समझने और तर्कसंगत उत्तर देने की बौद्धिक क्षमता है. तो बच्चों को गवाही की अनुमति दी जा सकती है. 

साक्ष्य अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति के गवाह देने के लिए न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट जस्टिस जेबी पारदीवाला के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने स्पष्ट किया. बाल गवाही से पहले ट्रायल कोर्ट द्वारा पर्याप्त परीक्षण व संतुष्टि आवश्यक है. 

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