VIDEO: राजस्थान में 17 अगस्त से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया ! निकाय चुनाव पर 29.64 करोड़ रुपए होंगे खर्च, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में निकाय चुनाव का बिगुल बजने वाला है और इसके साथ ही चुनावी तैयारियां भी तेज हो गई हैं. राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट में पेश किए गए कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त को निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी. चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सरकार ने नगर निगमों और अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव पर कुल 29 करोड़ 64 लाख 78 हजार रुपए खर्च करने की मंजूरी दी है. इनमें सबसे अधिक खर्च जयपुर नगर निगम चुनाव पर होने जा रहा है, जबकि सबसे कम बजट पाली नगर निगम के लिए निर्धारित किया गया है. 

कौन कौन से नगर निगम में कितना होगा चुनावी खर्च:
-अजमेर नगर निगम - 70 लाख 56 हजार रुपए
-अलवर नगर निगम - 43 लाख 38 हजार रुपए
-भरतपुर नगर निगम - 36 लाख रुपए
-बीकानेर नगर निगम - 75 लाख 78 हजार रुपए
-जयपुर नगर निगम - 3 करोड़ 96 लाख 90 हजार रुपए
-जोधपुर नगर निगम - 1 करोड़ 29 लाख 78 हजार रुपए
-कोटा नगर निगम - 1 करोड़ 29 लाख 78 हजार रुपए
-भीलवाड़ा नगर निगम - 47 लाख 70 हजार रुपए
-पाली नगर निगम - 28 लाख 80 हजार रुपए
-उदयपुर नगर निगम - 73 लाख 8 हजार रुपए

राजस्थान में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. चुनाव संचालन के लिए सरकार पहले ही एकमुश्त बजट जारी कर चुकी है, लेकिन अब यात्रा भत्ता, वाहन किराया, पीओएल, अल्पाहार, मतदान दलों के मानदेय और अन्य व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग निकायों को बजट आवंटित किया गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार नगर निगम चुनावों के लिए 10 करोड़ 31 लाख 76 हजार रुपए का बजट निर्धारित किया गया है. वहीं नगर पालिकाओं और नगर परिषदों समेत अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए 19 करोड़ 33 लाख 2 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं. 

इस तरह दोनों चुनावों पर कुल 29 करोड़ 64 लाख 78 हजार रुपये खर्च होंगे. प्रदेश के 10 नगर निगमों में चुनावी खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा जयपुर नगर निगम को मिला है. जयपुर नगर निगम चुनाव पर 3 करोड़ 96 लाख 90 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसके बाद जोधपुर और कोटा नगर निगम का नंबर आता है, जहां चुनावी व्यवस्थाओं के लिए 1 करोड़ 29 लाख 78 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है. वहीं सबसे कम बजट पाली नगर निगम के लिए 28 लाख 80 हजार रुपये रखा गया है.

स्थानीय निकाय में कहा कितना होगा चुनावी खर्च:
-अजमेर - 5418000 रुपए,अलवर - 5130000 रुपए
-बालोतरा - 3474000 रुपए,बांसवाड़ा - 2556000 रुपए
-बारां - 4680000 रुपए,बाड़मेर - 1476000 रुपए
-ब्यावर - 4302000 रुपए,भरतपुर - 3060000 रुपए
-भीलवाड़ा - 4590000 रुपए,बीकानेर - 4248000 रुपए
-बूंदी - 4752000 रुपए,चित्तौड़गढ़ - 5256000 रुपए
-चूरू - 9774000 रुपए,दौसा - 6516000 रुपए
-डीग - 3240000 रुपए,धौलपुर - 4914000 रुपए
-डीडवाना कुचामन - 5994000 रुपए,डूंगरपुर - 1368000 रुपए
-गंगानगर - 8496000 रुपए,हनुमानगढ - 6534000 रुपए
-जयपुर - 10152000 रुपए,जैसलमेर - 1278000 रुपए
-जालौर - 2970000 रुपए,झालावाड़ - 4410000 रुपए
-झुंझुनूं - 10692000 रुपए,जोधपुर - 3204000 रुपए
-करौली - 4446000 रुपए,खैरथल तिजारा - 4266000 रुपए
-कोटा - 2934000 रुपए,कोटपूतली बहरोड़ - 6984000 रुपए
-नागौर - 6120000 रुपए,पाली - 4608000 रुपए
-फलोदी - 1098000 रुपए,प्रतापगढ़ - 1890000 रुपए
-राजसमंद - 2862000 रुपए,सलूंबर - 450000 रुपए
-सवाई माधोपुर - 5058000 रुपए,सीकर - 11952000 रुपए
-सिरोही - 3240000 रुपए,टोंक - 6930000 रुपए
-उदयपुर - 1980000 रुपये चुनाव में होगें खर्च

अन्य नगर निगमों की बात करें तो अजमेर नगर निगम के लिए 70 लाख 56 हजार रुपये, अलवर के लिए 43 लाख 38 हजार रुपये, भरतपुर के लिए 36 लाख रुपये, बीकानेर के लिए 75 लाख 78 हजार रुपये, भीलवाड़ा के लिए 47 लाख 70 हजार रुपये और उदयपुर नगर निगम के लिए 73 लाख 8 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं. स्थानीय निकायों के चुनावी खर्च में भी कई जिलों को बड़ा बजट मिला है. सीकर जिले के लिए 1 करोड़ 19 लाख 52 हजार रुपये, झुंझुनूं के लिए 1 करोड़ 6 लाख 92 हजार रुपये और जयपुर जिले के लिए 1 करोड़ 1 लाख 52 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है. 

इसके अलावा चूरू को 97 लाख 74 हजार रुपये, गंगानगर को 84 लाख 96 हजार रुपये तथा कोटपूतली-बहरोड़ को 69 लाख 84 हजार रुपये का बजट मिला है. दूसरी ओर सलूंबर जिले के लिए सबसे कम 4 लाख 50 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है. चुनाव आयोग और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन, जांच, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी. सरकार का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

निकाय चुनावों पर करीब 30 करोड़ रुपये का खर्च यह दिखाता है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं. अब निगाहें 17 अगस्त को जारी होने वाली अधिसूचना पर टिकी हैं, जिसके साथ ही राजस्थान के शहरी स्थानीय निकायों में चुनावी रण का औपचारिक आगाज हो जाएगा. जयपुर सबसे महंगे चुनावी मैदान के रूप में सामने आया है, जबकि पूरे प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है.