नई दिल्ली: केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (प्रिव्हेंशन ऑफ अनेफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में बदलाव का बिल आज लोकसभा में पेश करेगी. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ये बिल पेश करेंगे. पेपर लीक करने वालों को दस साल तक की जेल और दस करोड़ तक जुर्माना होगा. केंद्र सरकार ऐसे मामलों के लिए स्पेशन टास्क फोर्स बना सकेगी. इस बिल के मुताबिक़ सीबीआई या एसआईटी को दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी.
प्रस्तावित क़ानून के तहत 5 से 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना होगा. अभियुक्तों से परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा. उन्हें आठ साल तक कोई सार्वजनिक परीक्षा देने पर रोक लगेगी. पहले एक करोड़ का जुर्माना था बैन चार साल का था.आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी परीक्षा सिस्टम को फूलप्रूफ बनाने पर जोर दे रहे है. इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाईपावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया. इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कल शाम को इंस्टाग्राम संदेश के जरिए घोषणा की.
टास्क फोर्स में तकनीकी के अलावा विज्ञान, खुफिया तंत्र व सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, शिक्षा, प्रशासन और लॉजिस्टिक एक्सपर्ट शामिल है. पेपर लीक माफिया के आरोपियों को जेल भेजने, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने, आज संसद में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक-2025 सरकार लाएगी. हाईपावर्ड टास्क फोर्स नीलेकणि के साथ पूर्व इसरो चेयरमैन एस.सोमनाथ, पूर्व IB चीफ तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी.कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल,पूर्व IAS अमृतलाल मीणा को शामिल किया.
आपको बता दें कि आज लोकसभा, राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई. लोकसभा में मीराबाई चानू को बधाई दी गई. कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू का शानदार प्रदर्शन रहा. 'कॉमनवेल्थ गेम्स में जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी गई. लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा हुआ. पैलेट गन से फायरिंग पर विपक्ष हंगामा कर रहा है. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित की गई.