जयपुर: तय संख्या से कम चालान बनाने वाले परिवहन निरीक्षकों पर विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है. कमजोर प्रदर्शन वाले 12 परिवहन निरीक्षकों की ID विभाग ने बंद कर दी है. अब यह निरीक्षक विभाग से जुड़ा कोई काम अग्रिम आदेशों तक नहीं कर पाएंगे. राज्य के परिवहन विभाग में लापरवाही और खराब प्रदर्शन को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले परिवहन निरीक्षकों पर कड़ा फैसला लिया है. तय मानकों के अनुसार चालान नहीं बनाने और बार-बार निर्देशों के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करने वाले दर्जनभर से अधिक परिवहन निरीक्षकों की आईडी बंद कर दी गई है.
परिवहन मुख्यालय स्तर पर की गई इस कार्रवाई को विभागीय सख्ती के रूप में देखा जा रहा है.अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि पूरे तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है, जिन परिवहन निरीक्षकों की आईडी बंद की गई है, उनका प्रदर्शन लगातार विभाग द्वारा तय न्यूनतम लक्ष्य से नीचे पाया गया. कई निरीक्षकों द्वारा तय संख्या से काफी कम चालान बनाए जा रहे थे, जबकि संबंधित क्षेत्रों में यातायात दबाव और नियम उल्लंघन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं. परिवहन आयुक्त ने पहले मौखिक और लिखित निर्देश जारी कर प्रदर्शन सुधारने के लिए समय दिया था, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया.
इन अधिकारियों की ID की गई बंद:
परिवहन मुख्यालय की कार्रवाई में राज्य के विभिन्न जिलों और संभागों के परिवहन निरीक्षक शामिल हैं.
-जिला परिवहन कार्यालय, केकड़ी - अनिल चौधरी
-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, अलवर -प्रदीप चौधरी
-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, बीकानेर -संतोष जाट
-जिला परिवहन कार्यालय, प्रतापगढ़ - दुर्गा शंकर जाट
-जिला परिवहन कार्यालय, करौली - नरेश कुमार मीणा
-जिला परिवहन कार्यालय, दूदू -अशोक काविया
-जिला परिवहन कार्यालय, चोमू - अलीम खान
-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, जोधपुर - पुष्पेन्द्र सिंह
-जिला परिवहन कार्यालय, बारां -सूरज भानु सिंह
-जिला परिवहन कार्यालय, जालोर- राजीव
-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, सीकर -मनविंदर पाल बत्रा
-जिला परिवहन कार्यालय, राजसमंद -अनीता पंवार
इन सभी की ई-चालान प्रणाली से जुड़ी आधिकारिक आईडी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, जिससे वे अब चालान प्रक्रिया नहीं कर सकेंगे. परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अंतिम नहीं है. विभाग द्वारा प्रदेशभर के सभी परिवहन निरीक्षकों के प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है. जिन अधिकारियों का प्रदर्शन लगातार कमजोर पाया जाएगा, उनकी आईडी भी आगामी दिनों में बंद की जा सकती है. अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अब “शून्य प्रदर्शन” या “नाममात्र कार्रवाई” की नीति नहीं चलेगी. सड़क सुरक्षा, नियमों का पालन और राजस्व संग्रह-तीनों को समान प्राथमिकता दी जाएगी. परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के इस फैसले से विभागीय अमले में स्पष्ट संदेश गया है कि काम में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल निरीक्षकों में अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा और नियम पालन को भी मजबूती मिलेगी.