नई दिल्ली: केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश कर दिया. इस दौरान वित्त मंत्री ने कई अहम बड़ी घोषणाएं की. निर्मला सीतारमण ने कहा कि निवेश बढ़ाने की लगातार कोशिश करेंगी और भारत को अपना निर्यात बढ़ाना पड़ेगा. ज्यादा से ज्यादा एआई का इस्तेमाल किया जाएगा और हर वर्ग तक विकास का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि वैश्वि अस्थिरता के बीच विकास पर फोकस रखना जरूरी है.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि केमिकल पार्कों का निर्माण किया जाएगा. शहरों में नए इकोनॉमिक जोन बनेंगे और जीएसटी को और सरल बनाया जाएगा.
बजट की बड़ी बातें-
-इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है
-नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा
-जुलाई 2024 में लाए गए आयकर अधिनियम की समीक्षा पूरी हुई. नियमावली जल्द आएगी. फॉर्म आसान होगा
-माइक्रोवेव ओवन बनाने के पार्ट्स इम्पोर्ट करने पर छूट मिलेगी
-पर्सनल यूज के लिए मंगाए गए सभी गुड्स पर टैरिफ 20 से घटाकर 10% किया गया है
-कैंसर की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी में छूट मिलेगी
-सिविलियन एयरक्राफ्ट पार्ट्स बनाने के लिए मटेरियल इम्पोर्ट करने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा
-मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट
-ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर 5 परसेंट की जगह 2 परसेंट टैक्स किया गया है
-एजुकेशन और मेडिकल पर्पज पर 5 की जगह 2 परसेंट टैक्स किया गया है
-एम्पलाईज हायरिंग सर्विस पर 1 से 2 परसेंट टैक्स होगा
-20 लाख रुपए से कम की विदेश में इम्मूवेवल प्रॉपर्टी डिस्क्लोज करने पर पेनाल्टी नहीं
-NRI को संपत्ति बेचने-खरीदने पर TDS देना होगा
-NRI को संपत्ति बेचने के लिए TAN नहीं देना होगा
-मालगाड़ी के लिए नया कॉरिडोर: पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया
7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे:
देश में सी प्लेन बनाने वालों को सपोर्ट दिया जाएगा. 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे. जिनमें मुंबई से पूना, पूना से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, सिलिगुड़ी से वाराणसी बनाए जाएंगे. विकसित भारत के लिए हाई लेवल बैंकिंग कमेटी बनाई जाएगी. कार्गो ले जाने के लिए फ्रेट कॉरिडोर बनाएंगे. 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और 3 के शहरों के डेवलपमेंट के लिए आवंटन, शहरों के डेवलपमेंट के लिए 11.2 लाख करोड़ का आवंटन किया गया. 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ करेंगे. प्राइवेट डेवलपर्स को इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड बनाया गया है. इसमें सरकार पार्शियल गारंटी देगी. रियल एस्टेट के रिसाइक्लिंग के लिए योजना है. कार्गो ले जाने के लिए डेडिकेटेंड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा. पूर्व में दंकुनी से पश्चिम में सूरत तक पोर्ट को जोड़ने के लिए भी स्कीम है. वाराणसी और पटना को डेवलप करके इंटरनल वाटरवेज डेवलप होगा.