अहमदाबाद ब्लास्ट केस में फैसला, 49 दोषियों की सजा बरकरार रखी, 38 दोषियों को मौत की सजा, 11 को उम्रकैद

अहमदाबाद ब्लास्ट केस में फैसला, 49 दोषियों की सजा बरकरार रखी, 38 दोषियों को मौत की सजा, 11 को उम्रकैद

अहमदाबाद: अहमदाबाद ब्लास्ट केस में फैसला सामने आया है. 49 दोषियों की सजा बरकरार रखी. 38 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई. 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. आपको बता दें कि अहमदाबाद ब्लास्ट केस में फैसला आया है. गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 के सीरियल ब्लास्ट केस में फैसला सुनाया. स्पेशल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा. 38 दोषियों की मौत की सजा सुनाई गई. 11 की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी.

साथ ही हाईकोर्ट ने मारे गए 56 पीड़ितों के परिवारों को 10-10 लाख रुपए और घायल हुए 200 से ज्यादा पीड़ितों को 1-1 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया.आपको बता दें कि 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में गुजरात हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखा है. मंगलवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत के फैसले में बदलाव करने से मना करते हुए स्पेशल कोर्ट के फैसले पर मुहर लगाई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में बमों को साइकिलों पर रखे टिफिन बॉक्स के अंदर छिपाकर प्लांट किया गया था. इसके अलावा सूरत शहर से भी कई जिंदा बम बरामद किए गए थे जो तकनीकी खराबी की वजह से फट नहीं पाए. आतंकियों ने मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों, सार्वजनिक बसों और यहां तक कि सिविल अस्पताल को निशाना बनाया था ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) ने ली थी, जो प्रतिबंधित संगठन 'सिमी' (SIMI) से ही जुड़ा एक धड़ा था. जांच में एजेंसियों ने दावा किया था कि आतंकियों ने वर्ष 2002 में हुए गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए इस पूरी साजिश को रचा था.