राजस्थान में अवैध खनन पर वज्र प्रहार ! प्रदेशभर में 232 एफआईआर दर्ज, 161 लोगों की गिरफ्तारी

जयपुर: राजस्थान में अवैध खनन पर वज्र प्रहार किया गया ! सीएम के निर्देश पर और ACS अपर्णा अरोड़ा की मॉनिटरिंग में बड़ी कार्रवाई हुई. निदेशक एमपी मीणा, अति. निदेशक महेश माथुर, अति. निदेशक (सतर्कता) धर्मेंद्र लोहार की अहम भूमिका रही. अवैध खनन पर खान विभाग का बड़ा प्रहार किया गया. दो माह में 2016 प्रकरण दर्ज किए गए. अप्रैल-मई में 148 अवैध खनन, 1827 परिवहन प्रकरण दर्ज हुए. 41 अवैध स्टॉक मामलों सहित कुल 2016 कार्रवाई की. 2.72 लाख टन से अधिक खनिज जब्त श्रेणी में आया. 34.41 करोड़ रुपए की पेनल्टी, 9.99 करोड़ की वसूली की. प्रदेशभर में 232 एफआईआर दर्ज हुई.

161 लोगों की गिरफ्तारी हुई. कार्रवाई के दौरान 2045 वाहन और मशीनें जब्त की. जयपुर जोन सर्वाधिक 541 मामलों के साथ पहले स्थान पर है. उदयपुर जोन में सर्वाधिक 61 एफआईआर दर्ज की गई. जोधपुर जोन में 82 गिरफ्तारी, प्रदेश में सबसे ज्यादा रही. अवैध बजरी, खनिज परिवहन और स्टॉक पर लगातार शिकंजा कस रहा है.

जयपुर जोन में अवैध खनन के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई दर्ज: 
अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. जयपुर जोन में अवैध खनन के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई दर्ज किए गए. SME एनएस शक्तावत, एमई श्याम कापड़ी के नेतृत्व में कार्रवाई हुई. दो माह में 541 प्रकरण, 4.27 लाख टन खनिज पकड़ा गया. 7.51 करोड़ रुपए की पेनल्टी विभाग ने आरोपित की.
77 एफआईआर और 31 गिरफ्तारी से माफियाओं में हड़कंप मच गया. 546 वाहन और मशीनें जब्त कर बड़ी कार्रवाई की गई. एसएमई जयपुर अकेले 301 मामलों के साथ सबसे आगे रहा.

उदयपुर जोन में 497 अवैध खनन एवं परिवहन प्रकरण दर्ज
उदयपुर जोन में 497 अवैध खनन एवं परिवहन प्रकरण दर्ज किए गए. 1.36 लाख टन खनिज पर विभाग ने कार्रवाई की. सबसे ज्यादा 16.38 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाई गई. 61 एफआईआर और 48 गिरफ्तारी से सख्ती का संदेश दिया. 493 वाहन और मशीनें जब्त कर रिकॉर्ड कार्रवाई की गई. एसएमई भीलवाड़ा और एसएमई उदयपुर प्रमुख कार्रवाई केंद्र रहे.

जोधपुर जोन में 214 मामलों में अवैध गतिविधियां पकड़ी गई: 
जोधपुर जोन में 214 मामलों में अवैध गतिविधियां पकड़ी गई. 1.20 लाख टन खनिज पर विभागीय कार्रवाई दर्ज हुई. 83 एफआईआर के साथ प्रदेश में सबसे ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए. 82 लोगों की गिरफ्तारी, माफियाओं पर बड़ा शिकंजा कसा गया. 233 वाहन और मशीनें जब्त कर कार्रवाई तेज हुई. एसएमई जोधपुर ने अकेले 214 मामलों का खुलासा किया.

कोटा जोन में 335 अवैध खनन और परिवहन प्रकरण दर्ज: 
कोटा जोन में 335 अवैध खनन और परिवहन प्रकरण दर्ज किए गए. एसएमई अविनाश कुलदीप के नेतृत्व में कार्रवाई हुई. 55 हजार टन से अधिक खनिज पर कार्रवाई की गई. 2.69 करोड़ रुपए की पेनल्टी विभाग ने आरोपित की. 8 एफआईआर और 8 गिरफ्तारी के मामले सामने आए. 340 वाहन और मशीनें जब्त कर बड़ी कार्रवाई हुई. भरतपुर और कोटा क्षेत्र कार्रवाई के प्रमुख केंद्र बने.

बीकानेर जोन में 199 प्रकरणों में अवैध गतिविधियां पकड़ी गई: 
बीकानेर जोन में 199 प्रकरणों में अवैध गतिविधियां पकड़ी गई. 1.65 लाख टन खनिज पर विभाग ने कार्रवाई की. 3.24 करोड़ रुपए की पेनल्टी और 2.10 करोड़ की वसूली की. दो एफआईआर दर्ज, कई परिवहन नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया. 209 वाहन और मशीनें जब्त कर कार्रवाई की गई. बीकानेर और गंगानगर क्षेत्र सबसे ज्यादा रडार पर रहे.

भरतपुर क्षेत्र में अवैध परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई दर्ज: 
भरतपुर क्षेत्र में अवैध परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई दर्ज की गई. एसएमई सुनील शर्मा और एमई खेमचंद गोयल के नेतृत्व में कार्रवाई हुई. 240 मामलों में विभाग ने दो माह में कार्रवाई की. 4.26 करोड़ रुपए की पेनल्टी आरोपित की गई. 45 एफआईआर और 27 गिरफ्तारी के मामले सामने आए. 246 वाहन और मशीनें जब्त कर नेटवर्क पर प्रहार किया गया. भरतपुर क्षेत्र अवैध खनिज परिवहन का बड़ा केंद्र मिला.

भीलवाड़ा बना अवैध खनन कार्रवाई का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट: 
भीलवाड़ा अवैध खनन कार्रवाई का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना. 366 मामलों में कार्रवाई, प्रदेश में सर्वाधिक प्रकरण दर्ज हुए. 19816 टन से ज्यादा खनिज पर विभाग ने कार्रवाई की. 6.71 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाकर रिकॉर्ड बनाया गया. 41 एफआईआर, 37 गिरफ्तारी और 352 वाहन जब्त हुए. एसएमई भीलवाड़ा की कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया.