VIDEO: कांग्रेस की एकजुटता की तस्वीर, गहलोत-पायलट की ‘केमिस्ट्री’ ने दिए सियासी संकेत, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान कांग्रेस की अब नई तस्वीर सामने आने लगी है. नेताओं के बीच दूरियां घटने लगी है. अंदाज भी बदले बदले से नजर आ रहे हैं. तो बयान भी एकजुटता वाले दिए जा रहे हैं. एक समय था जब बयानों में खटास थी.दिशाएं अलग अलग थी ओर कांग्रेस बिखरी सी नजर आ रही थी,लेकिन निकाय चुनाव के बाद अब बहुत कुछ बदला बदला सा लग रहा है. बुधवार को सचिन पायलट की ड्राइविंग और अशोक गहलोत के महज 21 सैकंड के बयान ने कांग्रेस में फीलगुड करा दिया.

राजस्थान कांग्रेस की सियासत में बुधवार की सुबह एक अलग तस्वीर लेकर आई.अब तक तीन तेरह नजर आ रहे बड़े नेता एकजुटता के फ्रेम में समाए हुए थे, क्या अशोक गहलोत और क्या पायलट. क्या डोटासरा और क्या जूली सबकी ऐसी भाव भंगिमाएं थी, जैसे कुछ दिनों पहले कांग्रेस में कोई गड़बड़ थी ही नहीं.  हकीकत यही है कि निकाय चुनाव में कांग्रेस को नेताओं की आपसी दूरियों का नुकसान हुआ,लेकिन अब ये दूरिया खत्म होती दिख रही है. कांग्रेस की सियासत का टर्निंग प्वाइंट रहा अशोक गहलोत का 21 सैकंड का बयान. गहलोत ने कांग्रेस वॉर रूम में महज 21 सैकंड में कुछ शब्दों में ऐसी बातें कह दी, जिनको सुनकर कांग्रेसी खुशी से उछल पड़े.

अशोक गहलोत का यह बयान राजस्थान कांग्रेस की राजनीति के लिए काफी अहम है, क्योंकि जब वे बयान दे रहे थे तब वहां पर पंजाब के कांग्रेसी नेता सुखजिंदर रंधावा और वहां के नए प्रभारी सचिन पायलट भी थे, जो खुद पंजाब में कांग्रेस की कलह से जूझ रहे हैं. अब तक राजस्थान में भी हालात अच्छे नहीं थे, लेकिन अशोक गहलोत व सचिन पायलट की आज की कैमिस्ट्री ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. कांग्रेस वॉर रूम का यह दृश्य देखिए जब गहलोत खुद पायलट को हाथ से इशारा करके उनको मीडिया के सामने बयान देने का इशारा किया. पायलट ने भी अपने सीनियर की बात मानी. बात कही,एकजुटता की और चुनाव जीतने की.

जब पायलट ने बयान पूरा कर लिया, तो फिर उन्होंने अशोक गहलोत को इशारा किया बयान देने के लिए, यह कैमिस्ट्री कई संदेश देकर गई. अब इस दृश्य से पहले कांग्रेस वॉर रूम में भी एक नजारा देखने को मिला, वॉर रूम में जब अशोक गहलोत और सचिन पायलट आमने सामने आए. तब मुलाकात हुई और गर्मजोशी से हाथ मिले, मुस्कान दिखी और बातचीत में सियासी चुटकी भी नजर आई. गहलोत ने पायलट से कहा-अब तक रंधावा इंचार्ज थे, अब आप रंधावा के इंचार्ज बन गए. पायलट ने भी जवाब दिया-हम सबके इंचार्ज तो आप ही हैं. गहलोत ने भी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा-हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं आपके.

बात सिर्फ गहलोत और पायलट की ही नहीं है. सुबह एयरपोर्ट पर जब रंधावा व पायलट साथ साथ आए, तो उनको स्वागत करने पहुंचे गोविंद डोटासरा व टीकाराम जूली,लेकिन जब चारों नेता कार में बैठे और कार चली तो प्रदेश में सुर्खी बन गई. क्योंकि कार की ड्राइविंग सीट पर पायलट बैठे थे,बगल में प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और पीछे डोटासरा व जुली.कांग्रेस के चार यार जब साथ साथ जयपुर की सड़कों पर कार में चले. तब तक तो सोशल मीडिया पर रीले चलने लगी. संदेश दिल्ली तक गया,यानि राजस्थान में अब सब कुछ ठीक है.

अब बात करते हैं तीन पहले की खास मुलाकात की. राजस्थान की सियासत में चर्चा थी कि गहलोत और डोटासरा के बीच कुछ दूरिया सी है. कारण बताया जा रहा है डोटासरा के एक तीखे बयान का,लेकिन बर्फ वहां भी पिघल रही है. डोटासरा अचानक जूली को लेकर गहलोत के आवास पहुंचे और करीब एक घंटे मुलाकात की. फिर कांस्टीट्यूशन क्लब में तीनों ने एक कार्यक्रम में मंच साझा किया. उसी दिन रात को डिनर भी साथ ही लिया.यानि जो दूरियों की चर्चा थी. वह अब दूर हो चुकी थी. 

राजस्थान कांग्रेस के भीतर लंबे समय से नेतृत्व और आपसी रिश्तों को लेकर होने वाली चर्चाओं के बीच ये तस्वीर अपने आप में राजनीतिक संदेश देती नजर आई. कुल मिलाकर कैमरों के सामने कांग्रेस की नई तस्वीर आ गई है. कांग्रेस नेताओं के बीच सामूहिक मौजूदगी और आपसी संवाद कैमरों में दर्ज हुआ. सवाल ये नहीं कि कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेदों की पुरानी चर्चाएं खत्म हो गई.सवाल ये है कि आज पार्टी ने सार्वजनिक मंच पर कौन सी तस्वीर पेश की? एयरपोर्ट पर एक गाड़ी वॉर रूम में एक टेबल और प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मंच. सियासत में फोटोज भी संदेश देती हैं और आज कांग्रेस की तस्वीर का संदेश था—सार्वजनिक मंच पर साथ, संवाद और समन्वय. अब ये तस्वीर आगे पार्टी के संगठन और सियासत में कितनी निरंतरता दिखाती है.इसका जवाब आने वाले दिनों में कांग्रेस की गतिविधियां देंगी.