VIDEO: लक्ष्य से पीछे छूटे राजस्थान के सभी जिले, आबकारी विभाग के DEO को भारी पड़ी जुलाई, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : आबकारी विभाग में राजस्व अर्जन को लेकर मुख्यमंत्री खुद लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. लेकिन कुछ जिलों की लापरवाही के चलते विभाग लक्ष्य के आंकड़ों से दूर होता जा रहा है. पिछले महीने की ही बात करें तो एक भी जिला जुलाई के लक्ष्य को छू नहीं सका. जबकि साफ तौर पर निर्देश मिल रहे हैं कि मदिरा उठाव 120 प्रतिशत होना चाहिए. कौन-कौन से जिले पिछड़े और अब आगे क्या होगा.

प्रदेश में राजस्व से जुड़े विभागों की लगातार बैठकें हो रही हैं और राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति पर सरकार का भी पूरा फोकस है. तभी तो तीन दिन तक आबकारी विभाग के राजस्व लक्ष्यों और वसूली पर मंथन होगा. लेकिन इससे पहले जुलाई के आंकड़ों पर गौर करें एक भी जिला राजस्व अर्जन का 100 प्रतिशत आंकड़ा पूरा नहीं कर सके. बहरोड़ ने लक्ष्य के मुकाबले 95 प्रतिशत कर किया. जबकि जिन जिलों से उम्मीद थी, वो काफी पीछे रह गए.

जुलाई में राजस्व अर्जन का आंकड़ों का खुलासा
-बहरोड़ जिला 95 प्रतिशत वसूली के साथ पहले नंबर पर रहा 
-82 प्रतिशत राजस्व अर्जन के साथ जयपुर शहर 17वें नंबर पर
-जबकि 83 प्रतिशत के साथ जयपुर जिला 14वें नंबर पर रहा 
-धोलपुर मात्र 64 प्रतिशत वसूली के साथ सबसे नीचे आया
-84 प्रतिशत पर तीन और 82 प्रतिशत पर रहे चार जिले 
-जुलाई के कुल राजस्व लक्ष्य के मुकाबले 83 प्रतिशत की वसूली
-प्रदेश में 1763.75 करोड़ के मुकाबले 1468.87 करोड़ की वसूली 

जिलेवार परफॉर्मेंस को लेकर बात करें तो उदयपुर जोन ने पिछले कुछ माह के दौरान अपनी परफार्मेंस में काफी सुधार किया है. बात चाहे पिछले चार माह की करें या फिर अकेले जुलाई माह के राजस्व को लेकर देखा जाए तो जोन के अधिकतर जिले टॉप 10 में शामिल हो रहे हैं. जयपुर शहर और जयपुर ग्रामीण की स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा. तर्क दिया जाता रहा है कि जयपुर शहर का टारगेट सबसे ज्यादा है. लेकिन देखने वाली बात यह है कि जयपुर शहर में शराब लाइसेंसी दुकानों और बार-रेस्टोरेंट की संख्या भी सबसे ज्यादा है.

जुलाई में जिलेवार राजस्व अर्जन का आंकड़ा प्रतिशत में
जिला------------------प्रतिशत
बहरोड़----------------95
उदयपुर---------------93
राजसमंद--------------92
डूंगरपुर----------------91
सिरोही-----------------90
जालौर-----------------88
कोटा-------------------87
अजमेर-----------------87
जोधपुर-----------------86
सीकर------------------86
बाड़मेर-----------------84
बीकानेर----------------84
चित्तौड़गढ़--------------84
जयपुर ग्रामीण----------83
चूरू---------------------82
भरतपुर-----------------82
जयपुर शहर------------82
भीलवाड़ा---------------82
जैसलमेर----------------81
अलवर------------------81
नागौर-------------------80
हनुमानगढ़--------------79
पाली---------------------78
करौली-------------------78
बांसवाड़ा----------------78
श्रीगंगानगर--------------77
झुंझुनूं--------------------77
प्रतापगढ़----------------76
दौसा--------------------76
बूंदी---------------------76
सवाई माधोपुर----------76
बारां---------------------72
झालावाड़---------------71
टोंक---------------------70
धोलपुर------------------64

बतादें कि राजस्व लक्ष्यों को लेकर ही तीन दिन तक आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक होगी. पहले आबकारी आयुक्त नमित मेहता बैठक लेंगे. उसके बाद प्रमुख सचिव वित्त वैभव गालरिया और तीसरी बैठक मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास लेंगे. सभी बैठकों में आबकारी राजस्व का आंकड़ा मुख्य मुद्दा रहेगी. उसके बाद मदिरा उठाव, आबकारी बंदोबस्त, निरोधात्मक गतिविधियां और अन्य मुद्दों पर बातचीत हो सकेगी. देखने वाली बात यह रहेगी कि इन बैठकों के बाद विभाग की कमजोर कड़ियों को किस तरह मजबूत किया जाता है और अगले आठ माह के दौरान राजस्व लक्ष्यों की पूर्ति के लिए क्या नया हो पाता है.