VIDEO: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश, साइबर अपराध पर नकेल, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद राजस्थान सरकार साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर सक्रिय हो गई है. इसी क्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास आज को पुलिस मुख्यालय  पहुंचे, जहां उन्होंने साइबर अपराध नियंत्रण तंत्र की समीक्षा करते हुए अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ली. बैठक में साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं, पीड़ितों को त्वरित राहत तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई.

मुख्य सचिव ने पुलिस मुख्यालय स्थित नेशनल साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के कॉल सेंटर का निरीक्षण भी किया. इस दौरान उन्होंने स्वयं कॉल सेंटर पर बैठकर साइबर अपराध के पीड़ितों से बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों की राशि समय रहते सुरक्षित करवाई जा सके.मीडिया से बातचीत में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि हाल ही में बीकानेर दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष निर्देश दिए थे. 

उन्हीं निर्देशों की पालना में राज्य स्तर पर साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप राजस्थान में साइबर अपराध की रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे.मुख्य सचिव ने कहा कि नेशनल साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 आमजन के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है. इसे और अधिक प्रभावी, त्वरित एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए सुझाव तैयार किए जा रहे हैं. जल्द ही इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, जिससे साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई की गति और बेहतर हो सके.

बैठक में “राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर” (R4C) की स्थापना को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि यह सेंटर राज्य में साइबर अपराध की निगरानी, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय, डेटा विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के लिए एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा. इससे साइबर अपराध से निपटने में पुलिस की क्षमता और अधिक मजबूत होगी.बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर सावंत, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा, अतिरिक्त महानिदेशक वी.के. सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने राज्य में साइबर अपराध की वर्तमान स्थिति, तकनीकी संसाधनों और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया.