जयपुर : राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग के लिए 21 हजार करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है. इसे देखते हुए आबकारी आयुक्त ने जिलेवार वार्षिक लक्ष्य तय कर दिया. जयपुर शहर को सबसे ज्यादा राजस्व वसूली लक्ष्य मिला है. अन्य जिलों को क्या टारगेट मिला और क्या निर्देश जारी किए गए.
आबकारी विभाग ने पिछले साल 19 हजार करोड़ रुपए के मुकाबले 17 हजार करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व अर्जित किया था. अब 21 हजार करोड़ रुपए राजस्व लक्ष्य तय होने के बाद सभी जिलों को लक्ष्य आवंटित किए गए हैं. इसमें भी DEO को परफॉरमेंस को देखा गया है कि पिछले साल क्या लक्ष्य था और वसूली कितनी की गई. आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने टारगेट के साथ कुछ निर्देश भी जारी किए हैं और जिम्मेदारों की जिम्मेदारी तय की गई. किसी भी लापरवाही के लिए जिला आबकारी की जिम्मेदारी भी तय की गई है. हर जिले को माहवार लक्ष्य मिला है.
आबकारी आयुक्त ने तय की जिम्मेदारी
प्रतिमाह गारंटी पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
गारंटी पूर्ति में कमी रहने पर DEO और आबकारी निरीक्षक होगा जिम्मेदार
भांग समूहों की मासिक लाइसेंस फीट प्रतिमाह वसूली जाए
पुरानी बकाया वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
लाइसेंस, परमिट, बैंड फीस आदि की नियमानुसार वसूली के निर्देश
लक्ष्य प्राप्ति को मिशन के रूप में पूरा करने के निर्देश
स्पष्ट निर्देश मिले कि राजस्व संग्रहण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी
आवंटित वार्षिक लक्ष्य में जयपुर शहर को सबसे बड़ा लक्ष्य मिला है. जयपुर DEO को 2428.24 करोड़ रुपए का वार्षिक टारगेट दिया गया है...जोनवार बात करें तो अजमेर जोन को 2603.68 करोड़ रुपए, भरतपुर जोन को 1180.06 करोड़ रुपए, बीकानेर जोन को 2249.72 करोड़ रुपए, जयपुर जोन को 6092.30 करोड़ रुपए, जोधपुर जोन को 4145.91 करोड़ रुपए, कोटा जोन को 1570.52 करोड़ रुपए और उदयपुर जोन को 3157.81 करोड़ रुपए राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला है.
जिलेवार वार्षिक राजस्व अर्जन लक्ष्य
भीलवाड़ा को 554.48 करोड़ रुपए
टोंक को 276.10 करोड़ रुपए
अजमेर को 1168.80 करोड़ रुपए
नागौर को 604.32 करोड़ रुपए
सवाईमाधोपुुर को 292.94 करोड़ रुपए
भरतपुर को 506.06 करोड़ रुपए
धौलपुर को 220.00 करोड़ रुपए
करौली को 161.06 करोड़ रुपए
हनुमानगढ़ को 519.16 करोड़ रुपए
चूरू को 493.55 करोड़ रुपए
श्रीगंगानगर को 604.63 करोड़ रुपए
बीकानेर 632.39 करोड़ रुपए
जयपुर शहर को 2428.24 करोड़ रुपए
जयपुर ग्रामीण को 893.88 करोड़ रुपए
कोटपूतली-बहरोड़ को 675.83 करोड़ रुपए
झुंझुनूं को 499.94 करोड़ रुपए
सीकर को 804.40 करोड़ रुपए
दौसा को 282.89 करोड़ रुपए
अलवर को 507.12 करोड़ रुपए
जालोर को 831.80 करोड़ रुपए
बाड़मेर को 627.36 करोड़ रुपए
जैसलमेर को 281.04 करोड़ रुपए
पाली को 499.58 करोड़ रुपए
सिरोही को 723.23 करोड़ रुपए
बीकानेर को 1182.90 करोड़ रुपए
बारां को 337.92 करोड़ रुपए
झालावाड़ को 355.53 करोड़ रुपए
बूंदी को 258.93 करोड़ रुपए
कोटा को 618.14 करोड़ रुपए
डूंगरपुर को 464.20 करोड़ रुपए
बांसवाड़ा को 406.01 करोड़ रुपए
राजसमंद को 372.38 करोड़ रुपए
उदयपुर को 1299.97 करोड़ रुपए
प्रतापगढ़ को 185.96 करोड़ रुपए
चित्तौड़गढ़ को 429.28 करोड़ रुपए
आबकारी आयुक्त ने आज राजस्व लक्ष्य तर कर निर्देश जारी भी कर दिए कि राजस्व वसूली में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होगी. देखने वाली बात तो यह भी रहेगी कि महीने के टारगेट पूरे नहीं होते हैं तो संबंधित जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी.