जयपुर: राजस्थान में मुस्लिम सीटों को टारगेट करने लिए बीजेपी आगाज करेगी "मिशन पसमांदा " का. प्लान के तहत मुस्लिम समाज की उप जातियों में सघन जनसंपर्क अभियान जुलाई से आगाज होगा. भजन लाल सरकार की नीतियों को अल्पसंख्यक मोर्चा के जरिए पसमांदा मुस्लिमों के बीच प्रचारित किया जाएगा. 25 लाख मुसलमान बहुल 40 सीटें टारगेट होगा. भारत में रहने वाले मुसलमानों में 15 फीसदी उच्च वर्ग के माने जाते हैं.जिन्हें अशरफ कहते हैं.
इनके अलावा बाकि 85 फीसदी अरजाल, अजलाफ मुस्लिम पिछड़े हैं.इन्हें पसमांदा कहा जाता है.पसमांदा ऐसे मुसलमान हैं जिन्हें आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक हर तरह से पिछड़े और दबे हुए हैं.राजस्थान में करीब 40 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लमान प्रमुख भूमिका में हैं.बीजेपी का अल्पसंख्यक मोर्चा इन्हीं के बीच जाकर मिशन पसमांदा चलाएगा.राजनीतिक तौर पर मुस्लिम वर्ग अलग अलग कुलीन और पिछड़ी जातियों में विभक्त हैं.बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा टारगेट करेगा.
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की निगाहें:
मेव:
प्रभाव क्षेत्र -कामां,नगर, तिजारा, किशनगढ़ बास, अलवर,ग्रामीण, राजगढ़ और टोक
कायमखानी:
प्रभाव क्षेत्र- पुष्कर,डीडवाना, लाडनूं, मकराना,नागौर, झुंझुनूं,फतेहपुर शेखावाटी,मंडावा,सीकर,लक्ष्मणगढ़
सिंधी मुसलमान:
प्रभाव क्षेत्र -जैसेमलेंर, पोकरण,शिव,खाजूवाला,फलोदी, चौहटन
कुरैशी:
प्रभाव क्षेत्र - आदर्शनगर,हवामहल, किशनपोल, सिविल लाइंस,धौलपुर,नसीराबाद,पुष्कर
मिरासी:
प्रभाव क्षेत्र - झुंझुनूं, सीकर,जयपुर
देशवाली :
प्रभाव क्षेत्र -बूंदी,कोटा,झालावाड़,कोटा दक्षिण ,लाडपुरा
पठान:
प्रभाव क्षेत्र -कोटा,जयपुर,टोंक,भीलवाड़ा
चीता मेहरात:
प्रभाव क्षेत्र -मसूदा,ब्यावर,अजमेर
कलाल:
प्रणव क्षेत्र - बीकानेर,हनुमानगढ़
मंसूरी:
प्रभाव क्षेत्र -जयपुर,बीकानेर
बोहरा:
प्रभाव क्षेत्र- उदयपुर,बांसवाड़ा,डूंगरपुर
अब्बासी:
प्रभाव क्षेत्र -
खेलदार:
प्रभाव क्षेत्र- सवाई माधोपुर
गद्दी मुसलमान:
प्रभाव क्षेत्र- सवाई माधोपुर
कांग्रेस ने मुस्लिम वोटों को लेकर गोलबंदी तेज कर दी है..कांग्रेस को अंदाजा हो गया है ओवैसी की पार्टी AIMIM, बेनीवाल की पार्टी RLP,राजेंद्र सिंह गुढ़ा, भरतीय आदिवासी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने मुस्लिम वोटों पर नजरें गढ़ा रखी है.यहीं कारण हैं कि बीजेपी उन मुस्लिम वर्गों को चिह्नित कर रही जो कांग्रेस में ना तो टिकट प्राप्त कर पाते है और ना ही मुकाम हासिल कर पाते हैं.
जनता पार्टी के दौर में 1977 के चुनाव में गुल मोहम्मद मंसूरी,जहूर खान और अयूब खान विधायक बने. 1980 में बीजेपी के जन्म के बाद भी मुस्लिम नेताओं को टिकट मिला और मंत्री भी बनाए गए.इनमें रमजान खान, युनूस खान समेत प्रमुख नेता.अब्दुल सगीर और हबीबुर्रहमान सरीखे नेता विधायक बने.2018 के विधानसभा में चुनाव में केवल 1 टिकट युनुस खान को दी थी,2013 के विधानसभा चुनाव में युनुस खान, हबीबुर्रहमान ,अब्दुल सगीर को टिकट मिला.
भैरों सिंह शेखावत और वसुंधरा राजे सरकार में अन्य सेवाओं से मुस्लिम चेहरे आईएएस बनाकर कलेक्टर भी बनाए गए.पिछले बीजेपी शासन में अबू बकर नकवी,मेहरूनिसा टाक अमीन पठान, अब्दुल सगीर और असरफ खिलजी सरीखे नेताओं को राजनेतिक नियुक्ति देकर राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया.लेकिन बीते विधानसभा और लोकसभा चुनाव में एक भी टिकट मुस्लिम को नहीं दिया गया ..लिहाजा मुस्लिम वोट बैंक बीजेपी से दूर होता गया. अब फिर नए सिरे से बीजेपी का अल्पसंख्यक मोर्चा अपने अभियान में जुट गया..कर्म करते जाओ फल की चिंता मत करो.
मुस्लिम प्रभाव वाली लोकसभा सीटें:
अलवर, भरतपुर, जयपुर, टोंक सवाई माधोपुर,कोटा,अजमेर,सीकर, झुंझुनूं
ये वो मुस्लिम सीटें जिन पर है बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा का का दावा:
डीडवाना
नागौर
टोंक
कोटा उतर
धौलपुर
कामां
फतेहपुर शेखावाटी
सीकर
मंडावा
पोकरण
हवामहल
झुंझुनूं
लक्ष्मणगढ़
लाडनूं
किशनपोल
हवामहल
आदर्शनगर
पुष्कर,चूरू,नागौर,जोधपुर,बाड़मेर,
पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम भजन लाल शर्मा ने मुस्लिम वर्ग के हितों के मद्देनजर योजनाएं बनाई है.लेकिन बीजेपी का मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व चाहता है.सरकार बदलाव के बावजूद प्रमुख बोर्ड और आयोगों में कांग्रेस के मुस्लिम नेता ही पद पर बने हुए हैं.