जयपुरः नगर निकाय चुनाव में EVM को लेकर आयोग के सख्त निर्देश है. स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर सख्ती, कमीशनिंग के बाद EVM सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखी जाएगी. स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरे अनिवार्य है. अग्नि सुरक्षा के इंतजाम भी होंगे. मतगणना परिसर में दोहरे स्तर की सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. मतदान के बाद EVM नगरपालिका मुख्यालय पर ही सुरक्षित रखी जाएगी.
मतगणना नगरपालिका मुख्यालय पर ही होगी. वार्ड और मतदान केन्द्रों की संख्या के अनुसार काउंटिंग टेबल तय होगी. EVM का रिजल्ट डिस्प्ले पर नोट करने के निर्देश दिए गए है. विजयी प्रत्याशियों को निर्वाचन प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद EVM को निर्धारित जिला वेयरहाउस में वापस जमा कराया जाएगा.
जिला स्तर पर EVM की First Level Checking होगी. BEL/ECIL के इंजीनियरों/तकनीकी विशेषज्ञों से होगी. FLC की वीडियोग्राफी अनिवार्य है. FLC प्रक्रिया की जानकारी राजनीतिक दलों को देने के निर्देश है. FLC में लगे अधिकारियों को मोबाइल,कैमरा और लैपटॉप ले जाने की अनुमति नहीं है. FLC के बाद 10% EVM पर 20-20 वोट का Mock पोल, जांच के बाद EVM पर Pink Paper Seal लगेगी.
प्रशिक्षण के लिए 5% EVM अलग रखने के निर्देश है. EVM का दो चरणों में रैण्डमाइजेशन होगा. पहले रैण्डमाइजेशन से नगरपालिका वार आवंटन, दूसरे रैण्डमाइजेशन से वार्ड/बूथ वार आवंटन. मतदान से 3-4 दिन पहले EVM की कमीशनिंग, 5% मशीनों पर 50-50 वोट का Mock पोल. तैयार EVM को Pink Paper Seal से सील किया जाएगा.