Congress का सत्ता वापसी का प्लान ! कांग्रेस थिंक टैंक की अब OBC वोट बैंक पर नजर, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः सत्ता वापसी औऱ पुराने सुनहरे दिन वापस पाने की जद्दोजहद में जुटी कांग्रेस का इन दिनों अब पूरा फोकस ओबीसी वर्ग के वोट बैंक पर है. इसके लिए कांग्रेस का थिंक टैंक मिशन मोड़ पर कवायद में जुटा हुआ है. कांग्रेस रणनीतिकारों को यह अच्छी तरह से समझ में आ गया है कि अगर वापसी करनी है तो हर हाल में ओबीसी वर्ग को साथ लाना ही होगा. आपको बता दे कि एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में करीब 55 फीसदी से ज्यादा आबादी ओबीसी की है. 

लोकसभा चुनाव में हार की हैट्रिक औऱ कई राज्यों में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस थिंक टैंक को अब आखिरकार यह सियासी अक्ल आ गई  है कि अगर सत्ता में वापसी करनी है तो ओबीसी वर्ग के वोट बैंक को हर कंडीशन में साथ ही लाना पड़ेगा. क्योंकि कांग्रेस रणनीतिकारों को लगता है कि संविधान बदलने वाले मसले के चलते एससी,एसटी औऱ आदिवासी वर्ग पहले से उनके साथ खड़ा है. मुस्लिम मतदाता हमेशा से कांग्रेस का परंपरागत वोट रहा ही है. लेकिन इन वर्गों के वोट बैंक के चलते नैया पार नहीं लगेगी. ऐसे में कांग्रेस रणनीतिकारों ने ओबीसी वर्ग को कांग्रेस के पाले में लाने के लिए एक्शन प्लान बनाया है. 

कांग्रेस का पूरा फोकस अब ओबीसी वर्ग के वोट बैंक पर
सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस की नजरें ओबीसी को लुभाने पर
ओबीसी वोट बैंक के लिए पहले उठाया जातिगत जनगणना का मुद्दा
फिर जितनी आबादी-उतना हक का दिया राहुल गांधी ने नारा
फिर टॉप ओबीसी वर्ग के 24 नेताओं की बनाई एडवाइजरी काउंसिल
अब 25 जुलाई को दिल्ली में ओबीसी वर्ग का होगा सम्मेलन
सदन से लेकर सड़क तक कांग्रेस अब उठाएगी ओबीसी वर्ग के मुद्दे
संगठन और सत्ता में ओबीसी वर्ग के नेताओं को देंगे ज्यादा प्रतिनिधित्व
ओबीसी को पहचान दिलाने का मुद्दा भुनाएगी कांग्रेस
ओबीसी की राजनीतिक,आर्थिक,सामाजिक औऱ शैक्षणिक प्रगति की मांग करेगी कांग्रेस

एक अनुमान के तहत औऱ ओबीसी संगठनों के दावों के मुताबिक फिलहाल देश में करीब 55 फीसदी से ज्यादा आबादी ओबीसी वर्ग की है. अभी होने वाली जातिगत जनगणना के बाद इस आबादी के आंकड़े का बढ़ना तय है. आंकड़े सामने आने के बाद कांग्रेस जितनी आबादी-उतना हक नारे को और तूल देगी. क्योंकि आबादी के हिसाब से कांग्रेस सरकार पर उनकी उन्नति के लिए योजनाएं बनाने,बजट में बढ़ोतरी करने औऱ प्रतिनिधित्व देने की मांग करेगी. ऐसे में कांग्रेस रणनीतिकारों ने अभी से इस प्लान पर एक्सरसाइज शुरु कर दी है. 

आपको बता दे कि बीजेपी की जीत में यकीनन ओबीसी वर्ग के वोट बैंक का बड़ा सियासी रोल रहा है. ओबीसी वर्ग के वोटर्स को इसलिए भाजपा का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है. अब कांग्रेस ने इस वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए कह सकते है पूरी जान झोंक दी है. उधर जातिगत जनगणना की राहुल गांधी की मांग मानने के बाद पार्टी भी पूरे जोश में नजर आ रही है. अब देखना है कि ओबीसी वर्ग कांग्रेस की कवायद से कितना प्रभावित होता है. 

कांग्रेस का सत्ता वापसी का प्लान 
कांग्रेस थिंक टैंक की नजरे अब ओबीसी वर्ग के वोट बैंक
25 जुलाई को दिल्ली में होगा अब ओबीसी वर्ग का सम्मेलन
सदन से लेकर सड़क तक ओबीसी के मुद्दे उठाएंगी कांग्रेस
सत्ता औऱ संगठन में कांग्रेस देगी ओबीसी को ज्यादा प्रतिनिधित्व
जातिगत जनगणना के आंकड़ो के बाद ओबीसी की पहचान को मुद्दा बनाएगी पार्टी