जयपुरः कांग्रेस के विधायकों ने आज नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा के नेतृव में मनरेगा में बदलाव का अनूठे अंदाज में विरोध किया. आज विधानसभा के बजट का पहला दिन था और पहले ही दिन कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के गेट पर अलग अंदाज में प्रदर्शन किया. जूली और डोटासरा के साथ कांग्रेस विधायक गैंती, तगारी और फावड़े लेकर प्रदर्शन करते हुए विधानसभा के गेट तक पहुंचे. विधानसभा के गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया, लेकिन तब तक कांग्रेस ने अपने तेवर दिखा दिए थे.
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने सदन के बाहर सड़क पर मनरेगा का मुद्दा उठा दिया. चूंकि आज विधानसभा में सिर्फ राज्यपाल का अभिभाषण होना था, ऐसे में किसी भी विधायक को बोलने का मौका नहीं मिलना था, तो विपक्षी दल कांग्रेस ने नई रणनीति बनाई. कांग्रेस विधायकों ने आज मनेरगा के मुद्दे को हवा दी. कांग्रेस मनरेगा को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन कर रही है, ऐसे में विधानसभा सत्र के पहले ही दिन इस मुद्दे को चुना. विधानसभा के सामने विधायक आवास परिसर में कांग्रेस के तमाम नेता इकट्ठा हुए और नारेबाजी करते हुए विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंचे. जूली और डोटासरा के साथ कांग्रेस विधायक गैंती, तगारी और फावड़े लेकर प्रदर्शन करते हुए विधानसभा के गेट तक पहुंचे. हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने उनको गैंती-फावड़े के साथ प्रवेश नहीं दिया. ऐसे में कांग्रेसी विधायक बिना गैंती-फावड़े विधानसभा पहुंचे. महिला विधायक हालांकि प्रदर्शन में शामिल हुई, लेकिन गैंती-फावड़े से दूर रहीं. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि हम मनरेगा के संशोधित कानून का विरोध करते हैं क्योंकि यह कानून गरीब के खिलाफ है.
एक तरफ कांग्रेस ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी तरफ पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा लंबे समय बाद विधानसभा पहुंचे औ कार्यवाही में हिस्सा लिया. पिछले साल स्पीकर वासुदेव देवनानी से नोंकझोंक होने के कारण डोटासरा विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले रहे थे, लेकिन आज वे कांग्रेस के प्रदर्शन में भी शामिल हुए और बाद में विधानसभा भी पहुंचे.