जयपुर: कौशल विकास के जरिए युवाओं को रोजगार देने के केन्द्र के व्यापक लक्ष्य को साकार करने में राजस्थान अग्रणी साबित हो रहा है. पीएम विश्वकर्मा की इस योजना में 18 ट्रेड्स में कौशल प्रशिक्षण से लेकर ऋण वितरण जैसी अलग-अलग श्रेणी में देश भर में राजस्थान टॉप थ्री राज्यों में शामिल है. इसके चलते प्रदेश में कारीगर युवाओं को हुनरमंद बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करने में राजस्थान अहम भूमिका निभा रहा है. उद्योग,वाणिज्य विभाग ने मुख्य सचिव वी श्रीनिवास को पीएम विश्वकर्मा स्कीम को लेकर अभी तक की प्रगति और आगे के रोडमैप को लेकर प्रजेंटेशन दिया. इसमें अब तक की खास उपलब्धियों को बताया गया और योजना के तहत राजस्थान किस तरह बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है,इसकी जानकारी दी गई.
क्या है स्कीम का उद्देश्य ?:
आर्टिजन्स और क्राफ्ट्समैन को पहचान दिलाई जाए.उनके कौशल को अपग्रेड किया जाए और उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक साधनों को मुहैया कराया जाए.इस उद्देश्य को लेकर राजस्थान में इस योजना का क्रियान्वयन शुरू किया गया.
राजस्थान में इस योजना का शुरू हुआ क्रियान्वयन:
1 लाख और 2 लाख की दो श्रेणियों में आपसी फ्री और सब्सिडी दर पर लॉन दिए गए
डिजिटल ट्रांजेक्शन पर दिया गया इंसेंटिव.
उत्पाद की गुणवत्ता के आधार पर दिए जा रहे हैं गुणवत्ता सर्टिफिकेट.
दिया जा रहा है ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रमोशन.
पैकेजिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट के साथ फॉरवर्ड एंड बैकवर्ड लिंकेज देना.
बास्केट/मैट/ झाडू बनाने,स्कल्पचर,बोट बनाना,मिट्टी का बर्तन बनाने,हथियार बनाने धोबी,कारपंटर,केश काटना,मोची,दर्जी, ताले बनाने, खिलौने बनाने वाले सहित 18 ट्रेड्स में दी जाती है सहायता.
इन वर्गों में राजस्थान टॉप थ्री में:
-देश भर में योजना के तहत ऋण मंजूर करने में राजस्थान दूसरे स्थान पर है.
-टूलकिट वितरण और आर्टिजन्स को प्रशिक्षण देने में राजस्थान तीसरे स्थान पर है.
-राजस्थान ने 2 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी की घोषणा की है जिससे ब्याज दर 3 प्रतिशत तक पहुंची.
-स्वर्णकार, हैमर एंड टूलकिट मैकर, कुम्हार और स्कल्पचर ट्रेड में राज्य ने पहला स्थान हासिल किया है.
-इसके साथ 40 से ज्यादा आर्टिजन्स ई कॉमर्स पोर्टल पर पंजीकृत हैं.
-18 ट्रेड्स में 21 लाख 75 हजार 251 आवेदन मिले.
-ग्राम पंचायत या यूएलबी स्तर पर सत्यापन 15 लाख 58 हजार 115 हुए हैं और 15 लाख 71 हजार 126 सफल पंजीकरण हुए हैं.
-कलेक्टर स्तर पर सत्यापन 5 लाख 923 हुए और 4 लाख 73 664 पंजीकरण सफल हुए हैं.
-एमएसएमई मंत्रालय में दो लाख 52 हजार 523 सत्यापन और 2 लाख 52 हजार 12 सफल पंजीकरण हुए.
-केन्द्रीय कौशल विकास उद्यमिता मंत्रालय की ओर से प्रशिक्षित लाभान्वित 2 लाख 52 हजार 12 आवेदन फॉरवर्ड जिसमें से 2 लाख 14 हजार 24 सफल हुए.
-टूलकिट वितरण में 2 लाख 14 हजार 25 फॉरवर्ड आवेदन और 1 लाख 13 हजार 65 सफल आवेदन
-ऋण मंजूर करने वाली आवेदन फॉरवर्ड 1 लाख 61 हजार 21 और 57 हजार 524 सफल आवेदन
-लॉन डिसबर्स्ड वाले आवेदन फॉरवर्ड 57524 और 53552 आवेदन सफल.
-लॉन मंजूर करने 57524 के आंकड़े के साथ राजस्थान देश भर में दूसरे स्थान पर
-लॉन डिसबर्स्ड करने में भी 53552 के आंकड़े के साथ देश भर में राजस्थान दूसरे स्थान पर.
-सफल पंजीकरण में राजस्थान का 2 लाख 52 हजार 12 का आंकड़ा जिसमें राजस्थान का चौथे स्थान पर.
-2 लाख 14 हजार आर्टिजन्स प्रशिक्षित हुए
इसके साथ ही अमेजॉन,मीशो,फैब इंडिया में भी बड़ी संख्या में कारीगर पंजीकृत हुए.