जयपुर: कांग्रेस पार्टी ने अभी से निकाय और पंचायत चुनाव की जंग जीतने की तैयारियां शुरु कर दी है. दोनों चुनाव में बेहतर परफॉर्मेंस के लिए कांग्रेस इस बार टिकट वितरण में कई एक्सपेरिमेंट करने जा रही है. कांग्रेस ने इस बार 50 फीसदी टिकट 50 साल से कम उम्र के नेताओं को देने का फैसला किया है. साथ ही जिला अध्यक्ष,ब्लॉक अध्यक्ष औऱ मंडल अध्यक्ष की रिपोर्ट के आधार पर भी टिकटों का वितरण होगा.
आगामी निकाय औऱ पंचायत चुनाव जीतने की रणनीति पर विपक्ष ने अभी से एक्सरसाइज शुरु कर दी है. चुनाव से पहले जमीन मजबूत करने के लिए कांग्रेस फिलहाल एसआईआर और मनरेगा के मुद्दे को हवा देने में जुटी हुई है. वहीं टिकट वितरण के नए फार्मूले बनाने पर भी अंदरखाने रणनीति बनाना शुरु कर दिया है. जैसे ही आचार संहिता लागू होगी तो फिर कांग्रेस कईं चुनाव मैनेजमेंट कमेटियों की गठन भी कर देगी.
-कांग्रेस का निकाय और पंचायत चुनाव की जंग जीतने का प्लान
-इस बार टिकट वितरण के बनाए जाएंगे कई नए फार्मूले
-उदयपुर चिंतन शिविर के फैसलों के आधार पर बांटे जाएंगे टिकट
-50 फीसदी टिकट 50 साल से कम आयु के नेताओं को दिए जाएंगे
-महिलाओं,ओबीसी,SC,एसटी औऱ अल्पसंख्यक वर्ग को दिया जाएगा ज्यादा महत्व
-निचले स्तर के पदाधिकारियों की रिपोर्ट पर भी मिलेंगे टिकट
-जिला अध्यक्ष,ब्लॉक अध्यक्ष औऱ मंडल अध्यक्ष की राय को मिलेगी तवज्जो
-कई चुनावी मैनेजमेंट कमेटियों को होगा गठन
-कॉर्डिनेशन कमेटियों का भी होगा गठन
-मनरेगा आंदोलन और SIR में सक्रिय रहने वाले नेताओं को भी मिलेंगे टिकट
-विधानसभा पर्यवेक्षक की सिफारिश का भी टिकट वितरण में रहेगा रोल
वहीं चुनाव से पहले कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए दिग्गज नेताओं के दौरे और सभाएं भी होगी. संबंधित जिलों के मुद्दों को लेकर सदन से लेकर सड़क तक भी कांग्रेस आवाज उठाएगी. पंचायत चुनाव में जीतने के लिए कांग्रेस अभी मनरेगा के नए कानून को लेकर आंदोलन चला रही है. इस आंदोलन के जरिए कांग्रेस ग्रामीण वोटरों को लुभाने में जुटी हुई है.
पंचायत और निकाय चुनाव में अगर कांग्रेस पार्टी टिकट वितरण में अगर नए फार्मूले ईमानदारी से लागू करती है तो पार्टी फायदेमंद रह सकती है. क्योंकि इससे पहले विधायक और सांसदों ही टिकटों का वितरण करते थे. लेकिन इस बार दावा किया जा रहा है कि विधायकों,सांसदों औऱ बड़े नेताओं के अलावा अन्य पदाधिकारी भी टिकट बांटेंगे. अगर ऐसा होता है तो यह काफी इंटरेस्टिंग होगा फिर देखने वाली बात होगी कि विधायक औऱ सांसद कैसे इसको स्वीकार करेंगे.