जयपुर : पीएम मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त की जारी कर दी है. देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित हुई. असम के गुवाहाटी से कार्यक्रम को संबोधित किया गया. राजस्थान के लाखों किसानों को भी लाभ मिला. केंद्र सरकार की किसान कल्याण योजनाओं पर जोर दिया. कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई.
राजस्थान के 66 लाख 76 हजार किसानों को किस्त का लाभ मिला है. किसानों के खातों में 1 हजार 355 करोड़ रुपए से अधिक राशि दी गई है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि किसान देश की आत्मा और विकास की आधारशिला हैं. सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है. किसान समृद्धि को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया.
कृषि क्षेत्र में नई सोच से बदलाव का दावा:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दुर्गापुरा से कार्यक्रम में जुड़े स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट से वर्चुअल संबोधन सुना. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग से भागीदारी दी. किसानों को योजनाओं की जानकारी दी गई. राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर जोर दिया गया. कृषि क्षेत्र में नई सोच से बदलाव का दावा किया.
किसान की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू:
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को महत्वपूर्ण पहल बताया. किसान की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई. मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भी लागू की. राज्य सरकार हर साल अतिरिक्त 3 हजार रुपये दे रही है. राशि को चरणबद्ध तरीके से 12 हजार तक बढ़ाने की योजना है. किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
फसल बीमा योजना में किसानों को बड़ा लाभ मिला:
फसल बीमा योजना में किसानों को बड़ा लाभ मिला है. अब तक 6 हजार 473 करोड़ रुपये का क्लेम वितरित किए गए हैं. खराबे पर पहले से अधिक मुआवजा दिया गया है. प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को राहत मिली है. राज्य सरकार ने बीमा दावों का त्वरित निस्तारण किया. किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने का प्रयास किया.
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बड़ा लाभ:
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत किसानों को बड़ा लाभ मिला है. 16 लाख से अधिक पशुओं की निशुल्क बीमा पॉलिसी की गई है. पशुपालकों को लगातार क्लेम वितरण जारी किया गया है. 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन गांवों में सेवा दे रहे हैं. पशुधन सुरक्षा और पशुपालन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रयास है.