VIDEO: राजस्व जुटाने को लेकर जेडीए की नई रणनीति, रियल एस्टेट में मंदी की "आहट" से जेडीए ने बदली रणनीति, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: रियल एस्टेट में मंदी की "आहट" के चलते जेडीए ने राजस्व बढ़ाने के लिए अब गैर पारंपरिक स्त्रोतों पर फोकस किया है. जेडीए ने नीलामी को लेकर अब अपनी रणनीति बदल दी है.जेडीए की ओर से अक्सर योजनाओं के कॉर्नर भूखंड,बड़े कमर्शियल,ग्रुप हाउसिंग और संस्थानिक आदि भूखंडों की ई नीलामी करता आया है. जेडीए के कुल राजस्व में भूखंडों की नीलामी से आने वाली आय का बहुत बड़ा हिस्सा है, लेकिन पिछले करीब साल भर से रियल एस्टेट में निवेश में कमी चल रही है. पिछले कुछ महीनों से तो जेडीए को इन भूखंडों के खरीदार भी नहीं मिल रहे हैं. राजस्व बढ़ाने को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से दिए निर्देशों के बाद जेडीए अपनी रणनीति में बदलाव किया है.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जेडीए ने किया फोकस: 
-राजस्व बढ़ाने के गैर पारंपरिक स्त्रोत की तरफ किया फोकस
-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले दिनों ली थी बैठक
-नगरीय विकास विभाग,आबकारी विभाग,पंजीयन विभाग
-और खनन विभाग आदि विभागों की ली थी बैठक
-बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को दिए थे निर्देश
-विभागों का राजस्व बढ़ाने के दिए थे निर्देश
-इन्हीं निर्देशों की पालना में नगरीय विकास विभाग ने निकायों को दिए आदेश
-राजस्व के लिए गैर पारंपरिक स्त्रोतों पर फोकस करने के दिए थे आदेश
-राजस्व जुटाने को लेकर जेडीए की नई रणनीति
-रियल एस्टेट में मंदी की "आहट" से जेडीए ने बदली रणनीति
-भूखंडों की नीलामी को लेकर जेडीए ने बदली रणनीति
-जेडीए ने नीलामी के लिए अब एंड यूजर्स पर किया फोकस
-अपनी योजनाओं के खाली पड़े भूखंडों पर किया फोकस
-कॉर्नर के अलावा अन्य खाली भूखंडों की नीलामी की शुरू
-दरअसल जेडीए ने 2015 से अब तक जितनी योजनाएं की हैं लांच
-उन सभी योजनाओं की बनाई गई है सूची
-इन योजनाओं के भूखंडों का आवंटन किया गया था लॉटरी से
-लेकिन कई सफल आवंटी ऐसे भी थे जिन्होंने राशि नहीं कराई जमा
-निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं कराने के चलते हो गए निरस्त
-इन भूखंडों का आवंटन स्वत: हो चुका है निरस्त
-एक अनुमान के मुताबिक जेडीए में ऐसे हैं करीब 12 सौ भूखंड
-टोंक रोड पर वाटिका स्थित विप्र विहार और
-चोखी ढाणी के पास बीलवा योजना में शुरू की भूखंडों की नीलामी

जेडीए की ओर से अपनी योजनाओं के सामान्य भूखंडों की नीलामी किए जाने से उन लोगों को मौका मिला है, जो इन योजनाओं की लॉटरी में असफल रहे थे. खास बात यह भी है नीलामी में भूखंड खरीदने के लिए किसी प्रकार आय वर्ग की भी कोई बाध्यता नहीं हैं.

लॉटरी से वंचित लोगों के लिए जेडीए ने दिया मौका:
-जेडीए की योजनाओं में भूखंड लेने का दिया मौका
-जेडीए कर रहा योजनाओं के सामान्य भूखंडों की नीलामी
-नगरीय विकास विभाग के पोर्टल से कर रहा है ई नीलामी
-जिन भूखंडों के लिए सफल आवंटी ने नहीं जमा की राशि
-और स्वत: ही आवंटन हो चुका है निरस्त
-ऐसे सभी भूखंडों की जेडीए कर रहा है नीलामी
-भूखंड खरीदने के लिए कोई भी ई नीलामी में ले सकता है भाग
-इसमें किसी प्रकार के आय वर्ग की नहीं हैं बाध्यता
-नीलामी में कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है छोटा या बड़ा भूखंड
-विप्र विहार व बीलवा योजना से नीलामी की की है शुरूआत
-इसके अलावा अनुपम विहार,यश विहार,यमुना विहार,
-सरस्वती विहार,पटेल नगर व अन्य योजनाओं में भी होगी नीलामी
 
प्रोपर्टी मार्केट के अनुसार जेडीए ने तय किया MSP:

-अपनी योजनाओं में सामान्य भूखंडों का तय किया MSP
-नीलामी के लिए मिनिमम सेलिंग प्राइस (MSP)किया है तय
-सड़क की चौड़ाई के अनुसार रखी है भूखंडों की MSP
-जेडीए की ओर से की जा रही है भूखंडों की नीलामी