चक्रवाती तूफान 'मुरासु' 120 KM प्रति घंटे की रफ्तार से आया, आंध्र प्रदेश के तट पर दी दस्तक, तेज रफ्तार से चली हवाएं

अमरावती(आंध्र प्रदेश): बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Murasu) मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकरा गया. तूफान ने सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास तट को पार किया. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि तेज झोंकों के साथ हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई.

मौसम विभाग के मुताबिक, गत 6 घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा. मंगलवार सुबह 5:30 बजे तूफान का केंद्र दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में ओंगोल के करीब 15.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.2 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था. इस दौरान तूफान का केंद्र बापटला से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, कावली से 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व, मछलीपट्टनम से 120 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम और नेल्लोर से लगभग 130 किलोमीटर उत्तर में स्थित था. 

मौसम विभाग ने तूफान के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना जताई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, मुरासु उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए मंगलवार दोपहर तक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.

वहीं, 3 नवंबर की मध्यरात्रि तक इसके और कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है. इस दौरान हवाओं की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि तेज झोंकों के साथ रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम में स्थापित डॉप्लर मौसम रडार के जरिए चक्रवाती तूफान की लगातार निगरानी कर रहा है. तूफान की दिशा, गति और तीव्रता पर नजर रखी जा रही है.