जयपुर: पांचवीं बटालियन आरएसी परिसर में शुक्रवार को आयोजित अलंकरण समारोह में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस बल की असली पहचान अनुशासन, मुस्तैदी और पेशेवर दक्षता को बताया. उन्होंने कहा कि एक पुलिसकर्मी की कार्यशैली, वर्दी पहनने का ढंग और मौके पर उसकी तत्परता ही उसकी वास्तविक पहचान बनाती है. समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि ड्यूटी चाहे किसी वीआईपी सुरक्षा की हो, जेल प्रबंधन की या कानून-व्यवस्था बनाए रखने की-हर परिस्थिति में जवानों की तैयारी पूरी और त्रुटिरहित होनी चाहिए.
उन्होंने जोर देकर कहा कि मौके पर पहुंचते ही जवानों की सुसंगठित कतारबद्धता, त्वरित प्रतिक्रिया और अनुशासित व्यवहार पुलिस की पेशेवर छवि को मजबूत करता है. डीजीपी शर्मा ने लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान उपकरणों के सही उपयोग को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि जैकेट पहनने का तरीका, ढाल और लाठी को संभालने की तकनीक, तथा उपलब्ध उपकरणों की स्थिति-ये सभी किसी जवान की तैयारी और दक्षता के पैमाने होते हैं.
उन्होंने जवानों से आह्वान किया कि जहां भी प्रशिक्षण में कमी रह गई हो, उसे निरंतर अभ्यास और समर्पण से दूर करें, ताकि राजस्थान पुलिस हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सके. समारोह के दौरान आरएसी के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने गत वर्षों में अपनी ड्यूटी के दौरान उल्लेखनीय और सराहनीय कार्य किया है. डीजीपी ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान केवल पदक या प्रशस्ति पत्र नहीं, बल्कि जवानों की मेहनत, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सच्ची पहचान है.
कार्यक्रम में डीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने आरएसी के जवानों की प्रतिबद्धता, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में किए जाने वाले कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान पूरे पुलिस महकमे के लिए प्रेरणास्रोत है. समारोह के अंत में एडीजी रुपिंदर सिंह ने सभी सम्मानित अधिकारियों, कर्मचारियों, अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल उत्कृष्ट कार्य को पहचान देते हैं, बल्कि पुलिस बल में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करते हैं. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने सम्मानित पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन किया.