जयपुर : गोवंश संरक्षण के लिए दिए जाने वाले सरकारी अनुदान में गड़बड़ी की गई है. 38 गोशालाओं ने 1.31 लाख मृत गायों को 57.36 करोड़ का चारा खिला दिया है. महालेखाकार की जांच रिपोर्ट में खुलासे के बाद अब वसूली के आदेश जारी किए गए हैं.
गोपालन निदेशालय ने 38 गोशालाओं से 57.36 करोड़ रुपए की वसूली होगी. डीग के श्री ब्रज कामद सुरभि वन शोध संस्थान, जड़खोर को 16.36 करोड़ रुपए, जालौर के श्री गोपाल गोवर्धन गौशाला, पथमेड़ा को 10.95 करोड़ रुपए राशि जारी हुई.
दैनिक गोवंश विवरण और भारत पशुधन एप रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने, इनवैलिड-इनएक्टिव टैग या टैग पंजीकृत नहीं होने के बावजूद अनुदान उठाकर गड़बड़ी हुई. बड़े गोवंश पर प्रतिदिन 40 रुपए और छोटे गोवंश पर 20 रुपए की दर से भुगतान हुआ.
38 गोशालाओं ने आवेदन में 1.31 लाख गोवंश की संख्या अधिक दर्शाई. जयपुर की पिंजरापोल और हिंगोनिया गोशाला के नाम भी शामिल है. पिंजरापोल गोशाला ने 1.81 करोड़, हिंगोनिया गोशाला ने 1.41 करोड़ रुपए अतिरिक्त उठाए हैं.