लोकसभा में 'वंदे मातरम्' पर चर्चा जारी; प्रियंका गांधी बोलीं- वंदे मातरम् ने सोए भारत को जगाया

लोकसभा में 'वंदे मातरम्' पर चर्चा जारी; प्रियंका गांधी बोलीं- वंदे मातरम् ने सोए भारत को जगाया

नई दिल्ली : लोकसभा में 'वंदे मातरम्' पर चर्चा जारी है. वंदे मातरम् पर चर्चा में प्रियंका गांधी ने कहा कि वंदे मातरम् की ताकत से अंग्रेज झुके थे. वंदे मातरम् ने सोए भारत को जगाया. वंदे मातरम् ने लोगों को नैतिक आकांक्षा से जोड़ा. वंदे मातरम् से साहस की याद आती है. वंदे मातरम् देश की आत्मा का हिस्सा है. 

आजादी के 75 साल बाद राष्ट्रगीत पर बहस क्यों ? वो चाहते हैं देश अतीत में मंडराता रहे. देश के लोग आज खुश नहीं हैं. बंगाल चुनाव के कारण वंदे मातरम् पर बहस हो रही है. इस देश में कई लोग बहुत परेशान हैं लेकिन सरकार के पास समस्या का हल नहीं है. देश का ध्यान भटकाने की साजिश हो रही है. वंदे मातरम् सुनकर अंग्रेज कांपते थे. वंदे मातरम् बलिदान की भावना को जगाता है. 

प्रियंका गांधी आगे कहती हैं कि आज हम जिस विषय पर बात कर रहे हैं, वह सिर्फ़ एक टॉपिक नहीं है, यह भारत की आत्मा का हिस्सा है. हमारा राष्ट्रीय गीत उसी भावना का प्रतीक है. इसने भारत के उन लोगों को जगाया जो गुलामी की ज़ंजीरों में सो रहे थे. आज की चर्चा एक भावना के बारे में है। और जब हम वंदे मातरम का नाम लेते हैं, तो वही भावना हमारे दिलों में उठती है। जब हम वंदे मातरम कहते हैं, तो हमें अपना पूरा इतिहास याद आ जाता है.

1905 में वंदे मातरम् गली-गली में गूंजा. 1930 में सांप्रदायिक राजनीति उभरी. सांप्रदायिक राजनीति के बाद गीत पर विवाद हुआ. रविन्द्र नाथ टैगोर ने कांग्रेस के अधिवेशन में राष्ट्रगीत गाया था. आप (BJP) चुनाव के लिए हैं, हम देश के लिए हैं. हम चाहे कितने भी चुनाव हार जाएं, हम यहां बैठकर आपसे और आपकी विचारधारा से लड़ते रहेंगे. हम अपने देश के लिए लड़ते रहेंगे. आप हमें रोक नहीं सकते.