VIDEO: नगर निगम में बड़ा फेरबदल, एसीबी कार्रवाई के बाद बदली गई अफसरशाही की तस्वीर ?

जयपुर : जयपुर नगर निगम में लंबे समय बाद ऐसा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है. जिसने निगम के गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. निगम की विभिन्न शाखाओं और जोनों में अधिकारियों के तबादले कर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इस तबादला सूची में जोन उपायुक्तों से लेकर राजस्व अधिकारियों और शाखा प्रभारियों तक को इधर से उधर किया गया है. 

निगम में बड़ा फेरबदल
-कई अधिकारियों के तबादले
-राजस्व अधिकारियों के भी बदले गए जोन
-अलग-अलग शाखाओं में बदलाव
-जोन डीसी को नई जिम्मेदारियां
-मानसरोवर जोन में नया डीसी
-सिविल लाइंस जोन में नया डीसी
-हवामहल-आमेर जोन में बदलाव
-किशनपोल जोन में बदलाव
-पशु प्रबंधन शाखा में नई तैनाती
-स्वास्थ्य शाखा में नई जिम्मेदारी

हाल में ही आई तबादला सूची में लगभग पूरे नगर निगम की तस्वीर बदल कर रख दी है, दिलचस्प बात यह है कि यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब पिछले दिनों नगर निगम के कुछ मामलों को लेकर एसीबी की कार्रवाई सुर्खियों में रही थी. सूत्रों का दावा है कि निगम प्रशासन में हुए इस बड़े बदलाव को उसी कार्रवाई के बाद प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है. तबादला सूची पर नजर डालें तो मानसरोवर जोन में नए जोन उपायुक्त की तैनाती की गई है. वहीं सिविल लाइंस जोन को भी नया डीसी मिला है. इसके अलावा पशु प्रबंधन शाखा, स्वास्थ्य शाखा, हवामहल-आमेर जोन और किशनपोल जोन में भी जिम्मेदारियां बदली गई हैं. इतना ही नहीं, निगम के लगभग सभी जोनों में राजस्व अधिकारियों के तबादले कर नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.नगर निगम की कार्यप्रणाली सीधे तौर पर शहर की सफाई व्यवस्था, राजस्व वसूली, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई और जनसुविधाओं से जुड़ी होती है. ऐसे में अधिकारियों का यह बदलाव आने वाले दिनों में निगम के कामकाज की दिशा और गति दोनों को प्रभावित कर सकता है. माना जा रहा है कि नए अधिकारी अपनी कार्यशैली के साथ नई प्राथमिकताएं भी तय करेंगे, जिसका असर शहर की व्यवस्थाओं पर दिखाई देगा.अब देखना यह होगा कि नगर निगम में हुए इस बड़े प्रशासनिक बदलाव से व्यवस्था में कितना सुधार आता है.

एसीबी कार्रवाई के बाद हुए इन बदलावों को लेकर निगम के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चाएं जारी हैं. ऐसे में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बदलाव केवल कुर्सियों का अदला-बदली है या फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की नई शुरुआत. जयपुर की जनता को अब इंतजार रहेगा कि नए अधिकारियों की कार्यशैली शहर की सूरत और व्यवस्था में कितना बदलाव ला पाती है.