जयपुर: निकाय औऱ पंचायत चुनाव का रण जीतने के लिए कांग्रेस ने अभी से तैयारियां शुरु कर दी है. चुनावी जंग जीतने के लिए कांग्रेस अभी से चुनावी मैनेजमेंट फैक्टर को साधने में जुट गई है. इसके लिए राजीव गांधी पंचायती राज संगठन चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यशाला और शिविर के जरिए चुनाव लड़ने का टिप्स दे रहा है.
राजस्थान कांग्रेस ने निकाय औऱ पंचायत चुनाव की जंग जीतने के लिए अभी से मजबूत प्रत्याशियों की तलाश शुरु कर दी है. चुनावी रण में उतरने से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं को ट्रेंड करना शुरू कर दिया है. इसके लिए कार्यशालाओं और शिविर का सहारा लिया जा रहा है. पार्टी ने राजीव गांधी पंचायती राज संगठन को यह जिम्मेदारी सौंपी है. संगठन चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को इलेक्शन मैनेजमेंट के गुर सिखा रहा है.
कांग्रेस जुटी निकाय और पंचायत चुनाव की जंग में
-चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं को दे रहे है इलेक्शन मैनेजमेंट के टिप्स
-राजीव गांधी पंचायती राज संगठन को दी कमान
-कार्यशाला औऱ शिविर के जरिए किया जाएगा ट्रेंड
-बूथ मैनेजमेंट,पब्लिक रिलेशन,नेरेटिव,इमेज निर्माण
-सोशल मीडिया संचालन और इश्यू बेस्ट राजनीति की दी जा रही है ट्रेनिंग
-पूर्व पंचायत और निकाय जनप्रतिनिधियों के अनुभवों से भी कराया जा रहा है रुबरु
-ट्रेनिंग के जरिए अभी से संभावित प्रत्याशियों की हो रही है खोज
दरअसल 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले निकाय और पंचायत चुनाव एक तरह से सेमीफाइनल मुकाबला माना जा रहा है. वहीं चुनाव होने के तक भाजपा सरकार के कार्यकाल का आधा सफर भी पूरा हो जाएगा. ऐसे में कांग्रेस इन चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है. कांग्रेस पार्टी को साफ पता है कि रिजल्ट के पक्ष और विपक्ष में रहने के क्या सियासी मायने होंगे. लिहाजा हर तरीके से जीत के लिए जतन जारी है. वहीं इन कार्यशालाओं और शिविरों में सबसे ज्यादा फोकस विचारधारा की मजबूती पर रहेगा.
वहीं इस बार टिकटों के वितरण में भी कांग्रेस कईं फार्मूले अपनाने जा रही है. जिला अध्यक्षों के जरिए भी टिकटों का वितरण होगा. साथ ही यूथ को ज्यादा टिकट देने का भी लक्ष्य है. अब देखना होगा कि इतने प्रयासों के बाद विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस दोनों चुनाव में कितना परफॉर्म कर पाती है.