जयपुरः फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के CEO और मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा ने बॉलीवुड एक्ट्रेस मुग्धा गोडसे का KeyNote by Pawan Arora कार्यक्रम में SUPER EXCLUSIVE INTERVIEW लिया. जिसमें सटीक सवालों का मुग्धा गोडसे ने जवाब दिया.
1. काम भी जरूरी,अध्यात्म भी'-Mugdha Godse ने बताया सफलता का मंत्र
मुग्धा गोडसे ने कहा कि सबसे पहले आपका शुक्रिया कि आपने मुझे यहां बुलाया. सभी से मिलने का मौका दिया, हम कृष्ण वंदना लेकर आए हैं. इससे बड़ा प्लेटफॉर्म क्या हो सकता है. मैं हमेशा मानती थी कि 16 साल में काम तो करना शुरू कर दिया था. क्या करना है ये पता नहीं था ? लेकिन कुछ अपने बल बूते पर करना है, ये पता था. तो उसको ही ध्यान में रखते हुए चलते गए, चलते गए, भगवान ने साथ दिया और ऐसा लगा कि जैसे एक चींटी होती है जो चलती रहती है और चीजें अपने आप होती जाती हैं. वैसे हमारी लाइफ में है, वैसे ही अध्यात्म भी ऐसे ही मेरी जिंदगी में आया. हमारे गुरू हैं श्री तरनेव जी, उनकी ग्रेस मुझे मिली 2013 से और तब से अध्यात्म मेरे जीवन में रहा. उनकी ग्रेस से ही कृष्ण वंदना प्रोग्राम है जो 108 नाम हैं उनके वो आए. और जैसा आपने कहा कि ग्लैमर और चकाचौंध की दुनिया नहीं छोड़ते हुए साथ-साथ करते हुए जीवन को जीना. क्योंकि गुरू जी खुद बताते हैं कि कृष्ण भगवान खुद कहते हैं कि सब समावेशी होना चाहिए. काम भी करना है, पैसा भी कमाना है अध्यात्म पर भी ध्यान देना है, तभी बैलेंस बना रहेगा. THIS IS LIKE A CORE OF EVERYTHING, AND AS WE KNOW WE ALL NEED TO EARN MONEY'
'FOR THAT WE NEED TO WORK, THERE NEED TO LOOK GOOD'
ग्लैमरस हो, आप तो अच्छे लगो, SO THIS EXACTLY WHAT YOU SAID SOME VERY HAPPY,
ये सोच जानी चाहिए कि अगर अध्यात्म की तरफ कोई जा रहा है. तो काम सब छोड़ कर जा रहा है, ये बिल्कुल नहीं है, ग्लैमर और स्पिरिचुअलिटी साथ-साथ चलते हैं.
2. Maureen Wadia की बातें आज भी काम आती हैं: Mugdha Godse
मुग्धा गोडसे ने कहा कि मिसेज मौरीन वाडिया की भी बहुत सी चीजें याद आती हैं. कुछ बातें वो बोलती थी कि ऐसा करना चाहिए, वैसा करना चाहिए. उनकी कुछ टिप्पणियां आज भी काम आती हैं.
3. Mugdha Godse ने खोले Modeling Grooming के राज ?
मुग्धा गोडसे ने कहा जी क्योंकि ये कॉन्टेस्ट यही करते हैं, पर्सेनेलिटी को ग्रूम करते हैं. और पुणे जैसे शहर से थी, एक मध्यम वर्गीय परिवार से ये चकाचौंध और स्टाइल वाली चीजें पता नहीं होती. और 18 साल के बाद मैं मुंबई आई, तब तक पुणे में मिस पुणे चल रहा था. तो जब पता नहीं होता है तो नया होता है लेकिन एक सहारा था कि मैं उसको एक गुरू का सहारा कह सकती हूं. जो मुझे हमेशा साथ देता रहा, सिखाता रहा, प्रोटेक्ट करता रहा. मैं हनुमान जी को भी बोलती थी, लेकिन जब से मैं गुरू जी से मिली हूं. तब से उनकी ग्रेस हमारे साथ थी वो बाद में जब धीरे-धीरे समझ में आने लगता है जब अवेयरनेस बढ़ती है. तो तब एक ऐसी एनर्जी साथ में रहती है, ग्लैडरैग्स का डिसीजन भी ऐसे ही साथ में हुआ. उसमें 40 दिन का ग्रूमिंग बहुत काम आता है. मिसेज मौरीन वाडिया जैसी शख्सियत हमें बताती हैं कि नई लड़कियों को और AND THEY DO IT VERY NICELY ये सब सीखने को मिलते हैं. कुछ मुंबई से होते हैं कुछ बाहर से होते हैं थोड़ी कठिनाई भी होती है. क्योंकि बॉम्बे जैसे शहर में रहना आसान नहीं है और तब तो जमाना अलग था अब तो बहुत फैसिलिटी और एक्सपोजर हो गया है. इंस्टाग्राम पर कुछ भी डाल तो वायरल हो जाता है, तब जमाना अलग था. अपना पोर्टफोलियो लेकर घूमते थे, उसके बाद ग्लैडरैग्स हम जीते. मिस इंडिया के दौरान भी स्ट्रगल तो चल रहा था, लेकिन काम थोड़ा बढ़ गया था. लेकिन सीख लगातार मिल रही थी, LIFE WAS TEACHING ALL THE TIME अच्छा लग रहा था. मिस इंडिया में अलग एक्सपीरियंस था, उसमें ग्रूमिंग पूरी अलग लेवल पर थी. क्योंकि ग्लैडरैग्स में मॉडलिंग की ग्रूमिंग ज्यादा होती है, मिस इंडिया ओवर ऑल ग्रूमिंग ज्यादा होती है. तो स्माइल एक्सपर्ट करके आते हैं, स्पीच एक्सपर्ट्स आते थे. बहुत सारी ऐसी चीजें थीं जो आज भी याद रहती हैं. इंस्टाग्राम पर उस टाइम के हमारे वीडियो अब आने लगे हैं.
4. सवाल- डर तो था लेकिन सीखते गए, Mugdha Godse की Inspirational Journey
मुग्धा गोडसे ने कहा कि हां उस वक्त इतना डर लगता था. तब ना सिर्फ इंग्लिश में ही बात करना है, साल 2004 की बात कर रही हूं. अब तो बहुत आसान हो गया है कि आप अपनी Regional Language में ही बात कर सकते हो. इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर हिंदी में बात कर सकते हो, मैंने पढ़ाई-लिखाई में रीजनल मराठी मीडियम से की है. तो इंग्लिश में बात करना तो सीख रहे थे, अभी तो इतने साल हो गए तो हो गया लोगों के साथ रह कर. Quick Learner भी हैं तो लेकिन एक डर रहता है, उससे कॉन्फिडेंस कम होता है. आज अगर राजस्थान की भाषा में कोई जवाब दे तो ट्रांसलेट करके आगे जा सकते हैं. तो वैसा था नहीं तो उन सब कठिनाइयों से गुजरते हुए एक अच्छा अनुभव है. कि अभी कुछ कहानियां बताने के लिए तो हैं कम से कम.
5. सवाल- कृष्ण भगवान भी आज स्मार्ट और स्टाइलिश होते: Mugdha Godse
मुग्धा गोडसे ने कहा कि बिल्कुल वो छोड़ना भी नहीं है, मुझे वो इमेज साथ में लेकर जाना है. क्योंकि अगर आप देखो कृष्ण भगवान को भी, अगर वो आज होते. तो कितने सुंदर होते, वो एक दम Smart Well-Dressed होते.
360 डिग्री टर्न! “Fashion” फिल्म ने कैसे बदल दी Mugdha की जिंदगी
मुग्धा गोडसे ने कहा कि फैशन फिल्म ने 360 डिग्री का टर्न मेरी जिंदगी में लिया. जहां से मिस इंडिया हो गया, Ramp walk हो गया, फैशन वीक शुरू हो गया था. 3-4 साल वो करते रहे, फिर मधुर जी टीम रिसर्च करने आती थी. और बातों बातों में हम उनको बताते थे कि ऐसा होता है, वैसा होता है. तो उसी दौरान उन्होंने मुझसे और दूसरे कई लोगों से भी पूछा था कि DO WANT TO WORK IN FASHION MOVIE बहुत सारी मॉडल्स ने एक्टिंग भी की है. Ramp walk बहुत थे उस मूवी में, तब मैंने बोला कि चलो ठीक है कर लेते हैं ट्राइ करते हैं. क्योंकि उस वक्त मेरा कोई ऐसा प्लान नहीं था. लेकिन Normally जैसा होता है कि मॉडलिंग से एक रास्ता मूवीज का होता है तो मैंने भी सोचा कि ट्राई करते हैं उसके बाद मूवी भी हिट हो गई. सब कुछ फिल्म रिलीज के बाद अचानक से चेंज हो गया, दूसरी मूवी मिलने लगी.
7. सवाल- फिल्म इंडस्ट्री में ग्लैमर के पीछे की सच्चाई क्या है?
मुग्धा गोडसे ने कहा कि बहुत बिल्कुल अलग है और क्या है कि आप कितने अवेयर हो. आप कितने फास्ट डिसीजन लेते हो या फिर आपका लक फैक्टर भी होता है आपका रोल अच्छा गया तो अवॉर्ड्स भी मिलते हैं. मूवी जब तक चलती है, तब तक सब अच्छा होता है. उसके बाद 100 मूवी करो और फिर नहीं चलती तो लोगों को लगता है कि क्या हो गया ? लेकिन हम अभी तक हम काम कर रहे हैं, स्ट्रगल तो चलता रहता है. उसी समय में बहुत सारे भटक जाते हैं, कुछ चीजें आपके हाथ में होती हैं. हर एक मूवी आप हिट नहीं करा सकते, आप अपना बेस्ट दे सकते हो. निराश ना हो कर आगे चल सकते हैं. कुछ नहीं मिलने पर 101 पर भी जाना है ये विश्वास हो तो मुश्किलें नहीं आतीं.
8.सवाल- आपकी काबिलियत और जज्बा ही काम आता है: Mugdha Godse
मुग्धा गोडसे ने कहा कि देखिए गॉडफॉदर होना, फिल्म फैमिली से होना, एक बात इजी हो जाती है. लेकिन सबसे आखिरी में आपकी काबिलियत और आपका जज्बा ही काम आता है. वहां से आपको मौके तो मिलेंगे, लेकिन मौके पर चौका कैसे लगाना है ? वो आपके हाथ में ही है.
9. सवाल- फैशन के बाद कौन-सी फिल्म दिल के सबसे करीब?
मुग्धा गोडसे ने कहा कि ऑल द बेस्ट' ऐसी मूवी है, उसके बाद दो-तीन मूवीज मैंने की हैं. अभी एक लेटेस्ट मूवी आई है, जिसमें मेरा स्पेशल अपीरियंस है 'तीसरी बेगम' करके. अभी चल रही है, उनके प्रोड्यूसर ब्यावर से हैं, तो राजस्थान में बहुत उनकी चर्चा है. अच्छी चल रही है मूवी महिलाओं की फिल्म है, ओटीटी आया है. उसमें अच्छे-अच्छे रोल मिलते रहते हैं, जिनको सराहा जाता है. अभी एक साउथ फिल्म की थी 'थानी ओरुवन' के नाम से उसका बहुत जिक्र होता है. उसके कैरेक्टर से लोग जानते हैं, कई किरदार हैं जो लोगों को याद रहते हैं.
10. सवाल- जयपुर में शुरू हुई प्रेम कहानी! अध्यात्म तक कैसे पहुँची Mugdha Godse?
मुग्धा गोडसे ने कहा कि आपको एक कहानी बताती हूं. जयपुर जो है वो एक स्पेशल सिटी है हमारे लिए और आज मैं जयपुर में बैठकर आपसे बात कर रही हूं ये कोई एक Normal Coincidence नहीं है. मैं राहुल को सबसे पहले जयपुर में ही मिली थी. हमारी प्रेम कहानी जयपुर से ही शुरू हुई थी. पिंकसिटी कहते हैं ना, सिटी ऑफ लव कहते हैं. अनुपम मित्तल और आंचल मित्तल शादी डॉट कॉम है ना उनकी शादी इधर फेयरमाउंट में हो रही थी. जयपुर में डेस्टिनेशन वेडिंग और हमारे अच्छे दोस्त थे, मेरी बेस्ट फ्रेंड हैं तो हम यहां आए थे. और यहां हमारी मुलाकात हो गई, 3 जुलाई 2013 को मुलाकात हुई थी और फिर वहां से जो सिलसिला शुरु हुआ वो अभी तक चल रहा है. और उसी दौरान वो मुझे बता रहे थे कि हमारे गुरुजी कनाडा में रहते हैं. तो वो कुछ सालों के लिए इंडिया आए थे अभी 5-6 सालों के लिए. अभी फिर से कनाडा में रह रहे हैं, तो वो बोले मेरे गुरुजी आ रहे हैं तो I was very excited... और एक होता है ना एक्साइट अपनी होती है. वो बोलते हैं ना गुरु अपने शिष्यों को ढूंढता है तो वो ही बात हो गई. मुझे और उनको राहुल को मिलना था और 15 दिन बाद गुरुजी इंडिया लैंड होने वाले थे. ऐसे Coincidence के नाते "I said, I want to meet" "I want to meet" एंड जब वो लैंड हुए उसके बाद एक दो महीने में आए, तब से एक लगाव, जुड़ाव'
और एक अहसास ऐसा हुआ की यही है अभी बस. वो शुरू हुआ उन्होंने हमे "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" का एक मंत्र दिया है. जो आज हम गाएंगे प्रोग्राम में तो वो सब है ना अभी तक चल रहा है. अंदर से एक Feeling आती है ना कि बस यही है अब. और हमारे गुरुजी की एक सीख भी है कि काम छोड़ना नहीं है. काम छोड़ना नहीं है अध्यात्म का सहारा लेकर काम को बढ़ाना है. और ऐसा काम करना है कि लोग याद रखें. मिसाल बनो लोगों के लिए, ये उनकी सीख है तो उसी में हम लगे हैं.
11. सवाल- क्या गुरुजी भी कृष्ण जी को मानते हैं ?
मुग्धा गोडसे ने कहा कि हां जी, गुरुजी भी कृष्ण जी को मानते हैं-
12. सवाल- गुरुजी को सांप ने काटा, ICU में मिला मंत्र!
जवाब- मुग्धा गोडसे ने कहा कि हां उन्होंने ही, "He loves Krishna"... वो तो ये सब बहुत पहले से कर रहे हैं. 2017 में एक ऐसा हादसा हुआ बेंगलुरु में, एक सांप ने गुरुजी को बेंगलुरु में काटा. तो ये देखो ना ये कैसी चीजें लिखी हैं ? भगवान ने कैसा लिखा है ? और उस दौरान वो ICU में थे, उस टाइम ना एक Melody आई उनको. "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" की तो उस Melody से हम आज तक एक नई Melody हम करते हैं. तो एक ऐसी Melody है कि एक सेट होता है "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" फिर दूसरा "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" फिर तीसरा "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" अलग है. इसका मतलब ये है कि पहले हम भगवान को पुकार रहे हैं. फिर दूसरे में बहुत अंदर से पुकार रहे हैं और तीसरे में भगवान आ गए हैं. और तीसरे में भगवान आ चुके हैं, ऐसे फील से ना कोई ये Melody chant करता है ना. आज शाम को हमारे YouTube चैनल पर आप प्रोग्राम में सुनोगे. ये सब ना Coincidence नहीं है, "It's like a part of history" बन रहे हैं. बाद में 100 साल के बाद लोगों को पता चलेगा
14. सवाल- Mugdha Godse ने बताया 'कृष्ण वंदना' बनने का चमत्कारिक सफर
मुग्धा गोडसे ने कहा कि मुझे ही पता नहीं है ये कैसे हो गया ?- मैं अपने आपको एक भक्ति भाव वाली सिंगर कहना चाहूंगी. एक भाव से और भक्ति से अंदर से आता है, मैं उस तरह से गाती हूं. मुझे ऐसा लगता है कि मेरे गुरुजी की Grace है. भगवान का आशीर्वाद है तो वो सब हो जाता है. मैं आंखे बंद करती हूं और अपने आप ही सब हो जाता हैं "So that's my experience"...और ऐसे ही ये Melody आई फिर कृष्ण वंदना तैयार हुई. कोविड में हम गए थे, मेरा वीजा भी नहीं था, चार दिन में वीजा आ गया बताओ. मेरे एजेंट भी बोल रहे हैं कि मैडम ऐसे कैसे ? ऐसे गुरुजी ने बुलाया है तो मुझे जाना ही है और वीजा आना ही है. तो ऐसे सारी चीजे हैं ना, हम गए और फिर वो नाम जोड़ रहे थे फिर मैंने वो लिया. और फिर वो जोड़ा 108 नाम तैयार हो गए. फिर उनकी एक Melody थी जो गुनगुना रहे थे. बेंगलुरु में एक बार तो मैंने बोला कि ये Melody में बैठ सकते हैं. He is like बैठाओ तो वैसे बैठ गया और 8 दिन में पूरी कृष्ण वंदना तैयार हो गई. फिर प्रैक्टिस किया और हमारे जो सत्संग होते हैं, एक दिन गुरुजी ने माइक मुझे दे दिया कि गाओ. तो पहली बार मैंने माइक पर शुरू कर दिया और तब से जो शुरू हो गया है ना, अभी भगवान की कृपा से सब हो रहा है और उसके साथ-साथ Musician बैठे थे जो सब आज हैं. वो सारे साथ-साथ में बजाना शुरू कर दिए तो हमारा म्यूजिक बन गया. ऐसे ही सत्संग में रोज गाने गा गाकर, रियाज करने से बहुत Easy हो गया. स्डूडियो में जब रिकॉर्ड कर रहे थे मैं बोली मुझे स्टूडियों में वो मैकेनिकल नहीं होगा. तो सारे लोगों को बुलाया एक LIVE सेशन किया और उसको रिकॉर्ड किया. क्योंकि ऐसे में LIVE गाना Easy हो जाता है. तो सुदेश भोंसले जी के स्टूडियों में हमने मुंबई में रिकॉर्डिंग किया, राकेश चौरसिया जी ने फ्लूट दिए हैं, हरिप्रसाद चौरसिया के नेफ्यू हैं वो, उसके बाद 2 ग्रैमी अवॉर्ड्स उसी साल में. मैं बोली कृष्ण भगवान आपके ऊपर इस्माइल कर रहे हैं.
15. सवाल- “लक्ष्मी भी जरूरी है” कृष्ण भक्ति पर Mugdha Godse का बड़ा स्टेटमेंट
मुग्धा गोडसे ने कहा कि Commercial एंगल इसके लिए हैं, हमारे गुरुजी हमेशा बोलते हैं. अब कनाडा जाना है उनसे मिलने तो फ्लाइट की टिकट तो लेनी पड़ती है. खर्चे तो करने पड़ते हैं कहां से आएंगे ? तो लक्ष्मी जी बहुत जरूरी हैं आजकल "Like it's not that" भक्ति है तो गरीबी में भक्ति क्यों ? अमीरी में करो, लोगों को बांटो, मुझे जो मिली है मुझे वो सबको देनी है. And I feel कि जब हमारा देश भी विकास की तरफ जा रहा है. "So is always important, Because we are in this world" "So, why not live happily?" तो काम भी करना है इसलिए Commercial एंगल आ जाता है. और जब हमें चैरिटी भी करनी होती है तो दिल खोलकर करते हैं. पैसे कमाने होते हैं तो दिल खोलकर करते हैं.
16. सवाल- अब मैं ज्यादा क्रिएटिव हो गई हूं, भक्ति पर बोलीं Mugdha Godse
मुग्धा गोडसे ने कहा कि दोनों में अंतर से ज्यादा दोनों जुड़ गए हैं, एक अवेयरनेस आ गई है. एक ये कहना चाहूंगी कि I FEEL MORE CREATIVE...CREATIVITY का तूफान अंदर से हो जाता है. ऐसा लगता है कि मैं ये कर सकती हूं, वो कर सकती हूं. हमारे गुरू जी कहते हैं कि CREATIVITY बहुत बढ़ेगी, तो उसको एक अच्छा तरीका देकर आगे बढ़ो. तो एक्टिंग में कोई भी हम सीन कर रहे हैं, कितना बेहतर मैं कर सकती हूं. उसके 100 Solution मिलते हैं, दिमाग हमेशा चलता रहता है, ऊर्जा बनी रहती है. अंदर की लाइट हमेशा जलती रहती है अच्छे से, जो मैं फील करती हूं.
17. सवाल- Rahul Dev के साथ रिश्ते पर खुलकर बोलीं Mugdha Godse
मुग्धा गोडसे ने कहा कि बिल्कुल..झगड़े में कहां रुकना है ? इसकी समझ थोड़ी आ जाती है. हर एक कपल्स में थोड़ी बहुत अनबन होती रहती है. लेकिन कहां तक उसको खींच कर लेकर जाना है ? क्या करना है ? और हमारे गुरु की ग्रेस ही ऐसी है हमें फेवीकोल जैसा चिपका के रखा है. जब उनका काम आता है तो सारे झगड़े गिले-शिकवे दूर हो जाते हैं. गुरू की वजह से बॉन्डिंग फेवीकोल हो गई है, वो फेवीकोल हैं बीच में Chant शुरू करते हैं तो सब भूल जाते हैं. क्योंकि हमें पता है कि हम सबका जीवन में बड़ा उद्देश्य है, इसलिए.
19. सवाल- जब औरत दिल से खुश हो, वही असली Women Empowerment: Mugdha Godse
मुग्धा गोडसे ने कहा कि मेरे हिसाब से Financial independence सबसे ज्यादा जरूरी है. लेकिन जब एक औरत खुश होती है दिल से तो वो Women Empowerment है, वो खुश घर में होती है. काम करके होती है, या मेरे जैसे भक्ति गाने गाकर होती है, जब औरत खुश होती है ना दिल से. और जब उसके अपने लोग उसके साथ खड़े हों, साथ दे रहे हों तब मुझे लगता है कि सबसे बड़ी Women Empowerment है.
20. सवाल- ''सुनना और स्पेस देना जरूरी”, Mugdha ने दिया खास रिलेशनशिप टिप
मुग्धा गोडसे ने कहा कि देखिए हर किसी का अपना-अपना तरीका होता है. मुझे इस पर टिप्पणियां नहीं देनी हैं, क्योंकि चार दिवारी में क्या होता है मुझे पता नहीं है. सबकी सोच होती है, कभी कुछ लोग साथ में ग्रो करते हैं, कुछ अलग-अलग ग्रो करते हैं. कोई गुरू की ग्रेस से निकल जाता है, कोई बच्चों के प्यार से निकल जाता है. सबका अपना-अपना एक तरीका होता है. लेकिन मैं इतना कहना चाहूंगी कि अपने पार्टनर को थोड़ा सा स्पेस देना. वो क्या बोल रहे हैं, उसको क्या आपत्ति है उसको सुनना ये गुरू जी ने हमको सीख दी है. हम प्रैक्टिस करते रहते हैं, कितना सफल होते हैं पता नहीं
लेकिन अभी तक तो ठीक चल रहा है, तो कुछ तो सफलता मिल रही है. तो सुनना और स्पेस देना इससे रिलेशनशिप बनती है.
21. सवाल- ‘तीसरी बेगम’...राजस्थान से जुड़ी फिल्म में दिखेंगी Mugdha Godse
मुग्धा गोडसे ने कहा कि अभी मैं वापस जाऊंगी मुंबई तो एक नई OTT शुरू करूंगी. दो-तीन अभी पहले की हैं, उनकी रिलीज आने वाली है. तो के.सी. बोकाडिया जी की नई पिक्चर, वो राजस्थान से ही तो ब्यावर के प्रोड्यूसर और उन्होंने मिलकर 'तीसरी बेगम' रिलीज की है. मेरा छोटा रोल है, लेकिन बहुत चर्चित है पिक्चर, वो अभी रिलीज हुई. दूसरी एक OTT Hotstar पर चल रही है. So, there are a lot of things going on
22. सवाल- कृष्ण वंदना की सफलता पर क्या बोलीं Mugdha Godse ?
मुग्धा गोडसे ने कहा कि मैं कृष्ण वंदना को जितना आगे ले जा सकती हूं लेकर जाऊंगी. हमारे अभी अभिराज करके बहुत ही खूबसूरत डिवोशनल सिंगर हैं. बहुत ही उम्दा गाते हैं आप सुनोगे उनको, वो साथ में हैं, मेरी टीम बहुत अच्छी है तो मैंने थोड़ी-थोड़ी प्रैक्टिस शुरू की है और मैं और भी उसको बढ़ाऊंगी. क्योंकि सिंगिंग तो ऐसे एक दिन में ऐसे वर्कआउट जैसा एक दिन में हो जाए ऐसे होता नहीं है. एक भक्तिभाव में एक गाना गा लिया लेकिन आवाज ठीक से आनी चाहिए. सुबह से थोड़ा रियाज करना होता है तो मैंने शुरू की है अभी और भी करुंगी और भी गाने बनाऊंगी और ये कारवां बढ़ाते रहेंगे.
24. सवाल- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’...भगवान कृष्ण से अपने आप जुड़ जाएंगे: Mugdha Godse
मुग्धा गोडसे ने कहा कि जिस तरह से गुरू जी ने चैनल किया है. उस तरह से अगर वो करें तो वो उनसे जुड़ तो जाएंगे ही. और एक भगवान कृष्ण की अंदर फीलिंग भी आएगी, अपने आप ही. इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, कभी किसी के सपने में अनुभव होता है. ऐसे बहुत सारे उदाहरण भी हैं, तो जिनको जुड़ना होता है. वो अपने आप जुड़ जाते हैं, आपको सिर्फ करते रहना है.