जैसलमेर : रेगिस्तान की रेत पर इतिहास लिखता जैसलमेर जहां किले, हवेलियाँ और संस्कृति सदियों से पहचान रही हैं. अब उसी जैसलमेर को मिली है एक और आधुनिक पहचान. 140 करोड़ रुपये की लागत से बना नया जैसलमेर रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह तैयार है.स्टेशन बनकर खड़ा है-लेकिन उद्घाटन का क्षण ऐतिहासिक होने वाला है,क्योंकि यह उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद करने वाले हैं-और वो भी राजस्थान के तमाम नए रेलवे स्टेशनों के साथ एक साथ.ये सिर्फ एक स्टेशन का उद्घाटन नहीं,ये है न्यू इंडिया, विकसित भारत और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की घोषणा.आईए इस विशेष रिपोर्ट में आपको दिखाते हैं-कि कैसे जैसलमेर रेलवे स्टेशन बना है प्रधानमंत्री मोदी के विज़न और राजस्थान के विकास की पहचान.
रेत के समंदर के बीच अब विकास की पटरी पर दौड़ता जैसलमेर. 140 करोड़ रुपये की लागत से बना यह नया जैसलमेर रेलवे स्टेशन अब केवल यात्रा का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह बन चुका है राजस्थान की सांस्कृतिक आत्मा और आधुनिक भारत की सोच का संगम. रेलवे स्टेशन को पूरी तरह नए सिरे से विकसित किया गया है, ताकि जैसलमेर को मिले- विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला रेलवे हब.
स्टेशन की भव्य इमारत पहली ही नज़र में यह संदेश देती है कि यह सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ की जीवंत तस्वीर है. यहाँ हर डिज़ाइन, हर दीवार जैसलमेर की पहचान को समेटे हुए है. 140 करोड़ रुपये की लागत से बना नया जैसलमेर रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह तैयार है. वर्षों पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर यह स्टेशन अब नए भारत की तस्वीर बन चुका है. स्टेशन तैयार है, प्लेटफॉर्म तैयार हैं, इमारत तैयार है और अब इंतज़ार है उस ऐतिहासिक पल का, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के साथ-साथ जैसलमेर को भी यह विकास समर्पित करेंगे.
नए जैसलमेर रेलवे स्टेशन में यात्रियों को मिलेंगी- आधुनिक वेटिंग एरिया, डिजिटल सूचना प्रणाली, एस्केलेटर और लिफ्ट, दिव्यांगजन फ्रेंडली रैम्प, बेहतर प्लेटफॉर्म शेल्टर, स्वच्छ टॉयलेट्स, और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था. यह स्टेशन अब पर्यटकों, सैनिकों और स्थानीय यात्रियों- तीनों के लिए समान रूप से सुविधाजनक है. स्टेशन के डिज़ाइन में जैसलमेर की लोक कला, पत्थर की नक्काशी और राजस्थानी वास्तुकला को शामिल किया गया है.ताकि स्टेशन खुद में जैसलमेर की पहचान बने. टीवी विज़ुअल्स में जब स्टेशन का फ्रंट फसाड आता है, तो वह केवल एक इमारत नहीं दिखती, बल्कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमृत भारत स्टेशन योजना की सोच को दर्शाती है. यह योजना केवल स्टेशनों के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि हर स्टेशन को उस क्षेत्र की पहचान बनाने की दिशा में काम कर रही है. जैसलमेर स्टेशन उसी सोच का सशक्त उदाहरण है.
स्टेशन के भीतर कदम रखते ही यात्रियों को पहले जैसी अव्यवस्था नहीं दिखेगी. अब यहाँ सुव्यवस्थित वेटिंग एरिया हैं, आधुनिक सूचना प्रणाली है, बेहतर लाइटिंग है और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम हैं. यह स्टेशन अब न केवल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है, बल्कि भविष्य की ज़रूरतों को भी ध्यान में रखता है.
स्टेशन की दीवारों पर उकेरी गई जैसलमेर की लोक कला, किले और हवेलियों की झलक, राजस्थानी रंगों की छटा- यह सब बताता है कि यह स्टेशन केवल यात्रियों को नहीं, बल्कि पर्यटकों को जैसलमेर की पहली झलक देता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विज़न है- देश का हर रेलवे स्टेशन केवल ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि उस क्षेत्र की पहचान बने. इसी विज़न के तहत राजस्थान के कई रेलवे स्टेशनों का एक साथ उद्घाटन किया जाएगा- और जैसलमेर स्टेशन उस ऐतिहासिक क्षण का प्रमुख हिस्सा होगा. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ तौर पर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में रेलवे के विकास को नई रफ्तार मिली है. उन्होंने बताया कि पहले राजस्थान में रेलवे परियोजनाओं को वह प्राथमिकता नहीं मिल पाती थी, जो अब मिल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल राजस्थान में रेलवे विकास के लिए सोच बदली, बल्कि बजट को भी ऐतिहासिक रूप से बढ़ाया.
आज की स्थिति यह है कि राजस्थान में लगभग 55 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट एक साथ चल रहे हैं. यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि केंद्र सरकार राजस्थान को लेकर कितनी गंभीर है. नई लाइनें, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशन पुनर्विकास और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने जैसे काम लगातार हो रहे हैं.
जैसलमेर रेलवे स्टेशन उसी बड़े विज़न का हिस्सा है. यह स्टेशन सीमांत जिले में होने के बावजूद प्राथमिकता के साथ विकसित किया गया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसलमेर स्टेशन का विकास यहीं नहीं रुकेगा. आने वाले समय में यहाँ नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सके. इसके साथ ही स्टेशन पर एक नया और भव्य एंट्री गेट भी तैयार किया जाएगा, जिससे स्टेशन की पहचान और अधिक मजबूत होगी.
जैसलमेर का महत्व केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है. यह जिला देश की पश्चिमी सीमा पर स्थित है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद अहम है. ऐसे में रेलवे कनेक्टिविटी का मजबूत होना सेना और सुरक्षा बलों के लिए भी महत्वपूर्ण है. नया रेलवे स्टेशन इस दृष्टि से भी जैसलमेर को और सशक्त बनाता है.
पर्यटन की बात करें तो जैसलमेर देश-विदेश के सैलानियों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है. अब जब पर्यटक ट्रेन से जैसलमेर पहुंचेंगे, तो स्टेशन पर उतरते ही उन्हें जैसलमेर की संस्कृति का पहला दर्शन मिलेगा. यह अनुभव पर्यटन को नई ऊंचाई देगा.
जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने इस रेलवे स्टेशन को जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जैसलमेर को वह विकास मिला है, जिसकी वर्षों से मांग थी. यह स्टेशन न केवल यात्रियों को सुविधा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा.
वर्षों से पुराने स्टेशन की परेशानियों को झेल रहे लोग अब इस नए स्टेशन को देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि जैसलमेर को आखिरकार एक ऐसा स्टेशन मिला है, जो उसकी पहचान के अनुरूप है.यह पूरा विकास उस मॉडल को दर्शाता है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिये पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदली जाती है. रेलवे स्टेशन बेहतर होगा तो यात्री बढ़ेंगे, यात्री बढ़ेंगे तो व्यापार बढ़ेगा और व्यापार बढ़ेगा तो रोज़गार के अवसर पैदा होंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यही विज़न है कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे. सीमांत जिलों, रेगिस्तानी इलाकों और दूरदराज़ क्षेत्रों तक भी वही सुविधाएं पहुंचें, जो देश के बड़े शहरों में हैं. जैसलमेर रेलवे स्टेशन उसी विज़न की जीवंत मिसाल है.
अब सबकी निगाहें उस दिन पर टिकी हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के कई नए और पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का एक साथ उद्घाटन करेंगे. यह कार्यक्रम तकनीक, विकास और विश्वास - तीनों का संगम होगा. जैसलमेर भी उस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा.