यूथ कांग्रेस के बाद अब NSUI में घमासान शुरू, प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ को थमाया नोटिस, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः कांग्रेस का अग्रिम संगठन एनएसयूआई भी अब गुटबाजी का शिकार होने लगा है. हालात यह है कि संगठन के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ को ही कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है. राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिना अनुमति के नियुक्तियां करने पर जाखड़ से अगले दो दिन में जवाब मांगा  है. वहीं नोटिस की लैंग्वेज को लेकर कांग्रेस गलियारों में काफी चर्चा हो रही है.

राजस्थान यूथ कांग्रेस के बाद अब छात्र संगठन एनएसयूआई में भी विवाद पैदा होने लगा है. संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ को नोटिस देकर पद से हटाने तक की बड़ी चेतावनी दे डाली है. नेतृत्व ने दो दिन के भीतर यानी 24 जनवरी तक बिना अनुमति के नियुक्तियां करने के मसले को गंभीर मानते हुए जवाब तलब किया है. प्रदेश अध्यक्ष को नोटिस थमाने के बाद संगठन की सियासत गरमा गई है. सोशल मीडिया औऱ वाट्सएप ग्रुप में इस एक्शन को लेकर बहस तेज हो चुकी है और तरह-तरह के अटकलों के भी पंख लग चुके है. 

यूथ कांग्रेस के बाद अब NSUI में शुरु हुआ घमासान
प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ को ही थमा डाला नोटिस
बिना अनुमति के नियुक्ति के मसले को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिया गंभीर
जाखड़ को नोटिस देकर पद से हटाने की दी बड़ी चेतावनी
कहा-तय वक्त में जवाब नहीं दिया तो पद से हटाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा
चेतावनी वाले नोटिस को लेकर अब कईं अटकलें हुई शुरु
4 जनवरी को जाखड़ ने राजस्थान प्रभारी के निर्देश पर निकाला सिंगल नियुक्ति ऑर्डर
सिंगल ऑर्डर जारी करने से फिर कईं दावेदारों ने की नियुक्ति की डिमांड
फिर विनोद जाखड़ ने  10 प्रदेश सचिव और महासचिव कर दिए नियुक्त
इन 10 नियुक्तियों को बिना अनुमति का आधार बताकर दिया नोटिस
दरअसल राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष में कईं दिनों से है अदावत
विनोद जाखड़ संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार के है खास
वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और कन्हैया कुमार में नहीं बैठती पटरी
पिछले दिनों नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के आदेश से और बढी तल्खियां

खुद प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी इस चेतावनी वाले नोटिस की भाषा को लेकर बेहद नाराज है. कईं वरिष्ठ नेताओं को उन्होंने इसे एक धमकी बताते हुए अपनी शिकायत भी जाहिर की है. मामला नेशनल इंचार्ज कन्हैया कुमार तक भी पहुंच चुका है. वहीं कांग्रेस गलियारों में भी नोटिस की भाषा को लेकर हैरानी जताई जा रही है. इन नोटिस ने संगठन की अंदरूनी खींचतान को भी अब खुलकर सामने ला दिया है. सामने आ रहा है कि विनोद जाखड़ लंबे समय से निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति करने की अनुमति दिल्ली से मांग रहे थे. जब दिल्ली के निर्देश पर नियुक्ति के सिंगल ऑर्डर जारी करने के निर्देश आए तो उसकी आड़ में फिर जाखड़ ने भी दस अपॉइंटमेंट कर डाले. लेकिन यह भी सच है कि उन्होंने बिना अनुमति के ये आदेश निकाले जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में भी आता है.

नोटिस सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया में खुलकर गुटबाजी अब देखने को मिल रही है. जाखड़ के समर्थक प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष पर जमकर निशाना साध रहे हैं. अब गौर करने वाली यह बात होगी कि तय सीमा में जाखड़ नोटिस की भाषा के काउंटर में क्या लिखित जवाब भेजते हैं. वहीं गुटबाजी बढ़ती देखकर डैमेज कंट्रोल की अब क्या कवायद शुरु होती है. 

यूथ कांग्रेस के बाद अब NSUI में घमासान शुरु
प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ को थमाया नोटिस
दो दिन के भीतर जाखड़ से मांगा गया जवाब
नोटिस में प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की दी चेतावनी
बिना अनुमति के नियुक्तियां करने पर किया जवाब तलब
राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष में लंबे समय से चल रही है अनबन