जयपुर: मुख्यमंत्री निवास पर ओड समाज संवाद कार्यक्रम हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ओड समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है. इसने राष्ट्र की प्रगति में अहम योगदान दिया. श्रम, संस्कृति और स्वाभिमान इसकी पहचान है. उन्होंने कहा कि इस समाज ने किलों और महलों के निर्माण में अपनी कुशलता दिखाई. जल संरचनाओं के निर्माण की इनमें अद्भुत कला है.
राजस्थान में जल संरक्षण की परंपरा को समृद्ध बनाने में ओड समाज का उल्लेखनीय योगदान है. इस समाज के पूर्वजों ने पानी के संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना सिखाया. हमारी सरकार प्रदेश में पेयजल व सिंचाई परियोजनाओं को धरातल पर उतार रही है. वहीं किसानों को दिन में बिजली दे रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के लिए जनधन खाता, रसोई गैस सिलेण्डर, हर घर नल से जल, शौचालय निर्माण और लखपति दीदी जैसी अनेक योजनाएं चलाई है.
प्रधानमंत्री ने श्रम योगी मान-धन जैसी पेंशन योजना चलाई:
किसानों को सम्मान निधि तथा जरूरतमंदों को खाद्य सुरक्षा एवं मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है. प्रधानमंत्री ने श्रम योगी मान-धन जैसी पेंशन योजना चलाई. योजना शुरू कर असंगठित श्रमिकों को वृद्धावस्था में सहारा दिया. इसमें 27 हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीयन हुआ. चार नई श्रम संहिताएं लागू कर श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान और सुरक्षित कार्यस्थल निश्चित किया है.
हमारी सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना चलाई:
हमारी सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना चलाई है. योजना 18 ट्रेड के दस्तकारों को 5 प्रतिशत की दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. ऋण पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान के आदेश जारी किए है. अब तक 2 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया. 53 हजार से अधिक लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है. श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स एवं लोक कलाकारों के लिए पेंशन.
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना शुरू की गई:
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना शुरू की गई है. इसमें 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन देने का प्रावधान है. राज्य सरकार ने श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी में 26 रुपये की वृद्धि की है. विभिन्न योजनाओं में करीब 9 लाख श्रमिकों को 980 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. लगभग 20 लाख श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन किया है. इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा.
घुमंतू समुदाय के लोगों को करीब डेढ़ हजार पट्टे जारी किए:
इनके कल्याण एवं रोजगार अवसरों में वृद्धि के लिए श्रम-सेतु मोबाइल ऐप शुरू किया है. एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 8 उत्तीर्ण करने पर जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की व्यवस्था की है. शहरी क्षेत्र में घुमंतू, अर्द्ध घुमंतू समुदाय के लोगों को करीब डेढ़ हजार पट्टे जारी किए गए हैं. इन समुदायों के उत्थान के लिए दादूदयाल घुमंतू सशक्तीकरण योजना लागू की है. घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समुदाय और मजदूर वर्ग के परिवारों के बच्चों को शिक्षा दी जा रही है.
हर जिले में शिक्षा के लिए एक स्कूल ऑन व्हील्स स्थापित किया जाएगा:
हर जिले में शिक्षा के लिए एक स्कूल ऑन व्हील्स स्थापित किया जाएगा. अन्य पिछड़ा वर्ग उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को 80 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है. लगभग 2 हजार किसानों को महात्मा ज्योतिबा फूले मंडी श्रमिक कल्याण योजना का लाभ दिया. इस योजना के तहत मंडी श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता है. राशि बढ़ाकर 75 हजार रुपये की गई है.
लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों के लिए भी लाभ है. राजकीय महाविद्यालयों में राजकीय निधि कोष में लिया जाने वाला शुल्क भी माफ किया. ओड समाज के युवाओं से आधुनिक कौशल प्रशिक्षण लेकर रोजगार प्रदाता बनने, बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने व महिलाओं को आगे बढ़ाने और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की. ओड महासभा के अध्यक्ष प्रेम ओड व अन्य पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ओड समाज के लोग उपस्थित रहे है.