नई दिल्ली: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे पर पेन्पा त्सेरिंग का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि भारत-चीन बेहतर संबंधों का स्वागत, लेकिन तिब्बत को नहीं भूलना चाहिए. सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन के अध्यक्ष ने तिब्बती लोगों की आकांक्षाओं को संबोधित करने पर जोर दिया. पेन्पा त्सेरिंग ने कहा कि चीन के साथ संबंधों में विश्वास की कमी बड़ी चुनौती है. भारत समेत कई देशों के लिए दुर्लभ खनिजों की सप्लाई चेन अहम मुद्दा है.
चीन के रेयर अर्थ पर दबदबे को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति में नए गठबंधन और रिश्ते आकार ले रहे. BRICS और सम्मेलन से इतर होने वाली द्विपक्षीय बैठकों पर नजर रहेगी. आपको बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS समिट 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे. आज प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी.
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ हैदराबाद भवन में द्विपक्षीय बैठक की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की.ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हैदराबाद भवन में द्विपक्षीय बैठक की.
आपको बता दें कि आज प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया और मलेशिया के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों ने इन देशों के साथ भारत के रिश्तों को एक नई दिशा दी है. दोनों देशों ने भारत के साथ मज़बूत रक्षा सहयोग की इच्छा जताई. इसमें संयुक्त रूप से कर्मियों की ट्रेनिंग और भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत किया. इथियोपिया ने खास तौर पर भारतीय माइनिंग कंपनियों का स्वागत किया. मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में मौकों पर भी चर्चा हुई.