संसद के विशेष सत्र से पहले सियासी घमासान तेज, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के प्रस्तावों पर बोला तीखा हमला

संसद के विशेष सत्र से पहले सियासी घमासान तेज, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के प्रस्तावों पर बोला तीखा हमला

नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र से पहले सियासी घमासान तेज हो गया. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के प्रस्तावों पर तीखा हमला बोला. राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूरा समर्थन करती है. राहुल गांधी ने कहा कि संसद ने 2023 में सर्वसम्मति से ये बिल पारित किया था जो अब हमारे संविधान का हिस्सा है. सरकार अब जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है. 

राहुल गांधी ने कहा कि वो सिर्फ़ परिसीमन और जेरीमैंडरिंग के जरिए सत्ता हथियाने का प्रयास है. जाति जनगणना के आंकड़ों को दरकिनार कर OBC, दलित और आदिवासी समुदायों से किसी हालत में “हिस्सा चोरी” बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राहुल गांधी ने कहा कि हम दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के साथ भी किसी कीमत पर अन्याय नहीं होने देंगे. राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की एक खतरनाक योजना यह है कि 2029 के चुनावों के लिए सभी लोकसभा सीटों की "सीमाबंदी" अपने फ़ायदे के हिसाब से की जाए. 

राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने असम और जम्मू-कश्मीर में सीमांकन प्रक्रिया को अपने कब्ज़े में ले लिया. जहां उसने चुनावी फायदे के लिए भाजपा विरोधी क्षेत्रों और समुदायों को बांट दिया. सीमांकन एक पारदर्शी नीतिगत ढांचे पर आधारित होना चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि जिसे व्यापक विचार-विमर्श और आम सहमति के बाद तैयार किया गया हो. सभी समुदायों और राज्यों के भारतीयों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका प्रतिनिधित्व होगा और उनकी आवाज़ सुनी जाएगी. लोकतंत्र की रक्षा करने और उसे मज़बूत बनाने का यही एकमात्र सही रास्ता है.