जयपुर : विधानसभा में तीन अलग-अलग विधायकों ने प्रदेश से जुड़े गंभीर जनसमस्याओं के मुद्दे उठाए, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए. विधायक रवीन्द्र भाटी ने प्रदेश में बढ़ते एमडी ड्रग्स और स्मैक के खतरे को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कहीं राजस्थान “उड़ता पंजाब” की राह पर न चल पड़े. भाटी ने बताया कि नशे की स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि कई इलाकों में महिलाएं घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस कर रही हैं और नशे की वजह से परिवार बर्बाद हो रहे हैं. उन्होंने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
विधायक इंदिरा मीना ने स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनहीनता का मामला उठाया. उन्होंने बताया कि 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची गंभीर रूप से झुलसी हुई थी, लेकिन एसएमएस अस्पताल में आयुष्मान कार्ड नहीं होने के कारण उसका इलाज तुरंत शुरू नहीं किया गया. इसे उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
वहीं विधायक हाकम अली ने फतेहपुर में सीवरेज व्यवस्था की बदहाली का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि एल एंड टी कंपनी द्वारा कराया गया सीवरेज कार्य दो वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे घरों में सीवरेज का पानी भर रहा है. उन्होंने जयपुर से ईमानदार अधिकारी भेजकर जांच कराने की मांग की और कहा कि आम आदमी बेहद परेशान है.