जयपुर : प्रदेश के अन्नदाता की आय दोगुनी करने के लिए कटिबद्ध भजनलाल सरकार आगामी बजट में किसानों को बड़ी सौगात दे सकती है. खासकर महिला किसानों को मुख्यधारा में लाने के लिए नई प्रोत्साहन स्कीम की घोषणा हो सकती है. उधर, पिछली बजट घोषणाओं का 75 प्रतिशत लाभ किसानों को धरातल पर मिल रहा है और शेष 25 प्रतिशत घोषणाएं मार्च तक धरातल पर असर दिखाएंगी. पिछले बजट में क्या कुछ मिला और आगामी बजट से क्या उम्मीद है.
कृषि को लेकर पिछले एक साल की बात की जाए तो सबसे बड़ा लाभ नकली-खाद बीज की धरपकड़ का रहा. बरसों से चला आ रहा नकली और घटिया खाद-बीज का खेल कृषि मंत्री की अगुवाई में खत्म हुआ तो लाखों किसानों ने राहत की सांस ली. जमीन बंजर होने से बची और किसान को अब लग रहा है कि रबी का उत्पादन पिछले कई सालों से बेहतर हो सकेगा.बजट घोषणाओं की बात करें तो किसानों को सीधे तौर पर लाभ देने वाले का धरातल पर असर दिखा रहे हैं और सरकार की सघन मॉनिटरिंग से किसान खुश भी दिखाई दे रहा है. पिछले बजट में कृषि कार्यों में विस्तार के लिए 4 हजार करोड़ का प्रावधान रखा गया, जिसमें से मात्र 25 प्रतिशत काम प्रगतिरत हैं, जो मार्च तक जमीन पर होंगे. कहां जा सकता है कि पिछले कृषि बजट का पूरा लाभ इसी वित्तीय किसान की झोली में होगा.
--- राज्य के कृषि बजट 2026-27 से उम्मीद ---
-लघु एवं सीमांत श्रेणी की महिला किसानों के लिए विशेष प्रोत्साहन स्कीम लाई जा सकती है
-प्रगतिशील किसानों को विदेश यात्रा का दूसरा पैकेज जारी किया जा सकता है
-रिसर्च सेंटरों पर रेगुलर ट्रेनिंग का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है अब किसानों को ट्रेनिंग देने की तैयारी शुरू हो सकती है
-प्रदेश के 50 हजार किसानों को सोलर पंप का तोहफा मिल सकता है. इलेक्ट्रिक पंप भी सोलर पर लाए जा सकते हैं
-पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए कृषि से जुड़े किसी नवाचार की घोषणा संभव है
-संरक्षित खेती, ग्रीन हाउस व शेडनेट हाउस को बढ़ावा दिया जा सकता है
-लघु एवं सीमांत श्रेणी की महिला किसानों के लिए बीज मिनिकिट वितरण का दायरा बढ़ाया जा सकता है
- करीब 20 लाख किसानों को रबी फसलों के लिए मिनी किट की घोषणा संभव
बजट प्रावधान के तहत सरकार ने पिटारा खोला और गांव-ढाणी तक लाभ पहुंचाया. इसी का नतीजा है कि राष्ट्र और अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी राजस्थान को पुरस्कृत किया गया. केंद्र सरकार से मिल रहे अनुदान और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम पंक्ति में खड़े ग्रामीण को भी लाभ मिल सके. इसके तहत लगातार मानिटरिंग की जा रही है. मुख्यमंत्री के स्तर पर हर माह बैठक और मंत्री व अधिकारियों के स्तर पर जिलेवार समीक्षा व मौके पर निरीक्षण से किसान की हर छोटी-बड़ी समस्या का भी मौके पर समाधान होता आ रहा है.
--- भजनलाल सरकार की पिछली बजट घोषणाओं का असर ---
- राज्य के 20 जिलों में एग्रीक्लीनिक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला कार्यालय में स्थापित कर संचालन शुरू किया गया...13 प्रयोगशाला का काम मार्च तक होगा पूरा
-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 6 हजार 415 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम वितरित किए गए
-2.19 करोड़ (26 प्रतिशत) बीमा पालिसियां सृजित की गई, जो देश में सर्वाधिक हैं
-राज्य में किसानों को 53.59 लाख मीट्रिक टन यूरिया एवं 14.87 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध करवाया गया
-जल प्रबंधन के तहत किसानों के खेतों पर 7 हजार 959 डिग्गियों का निर्माण करवाकर 188.31 करोड़ रुपए का अनुदान, जल संरक्षण के लिए 35 हजार 368 खेत तलाइयों ( फार्म पौंड) का निर्माण करवाकर 302.95 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया
-कुओं से खेत तक होने वाले जल के अपव्यय को बचाने के लिए 32 हजार 918 किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन स्थापित करवाकर 85.39 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया
-1 लाख 15 हजार 533 कृषि यंत्रों की वित्तीय स्वीकृति जारी कर 262.02 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया
-जंगली जानवरों/निराश्रित पशुओं से फसल के नुकसान को रोकने के लिए किसानों के खेतों पर 34 हजार 395 किलोमीटर की तारबंदी स्थापित कर 377.66 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया
-मृदा के पोषक तत्व की उपलब्धता एवं मृदा स्वास्थ्य की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए किसानों को 17.30 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्य वितरित किए
-किसानों के खेतों पर 49 हजार 148 वर्मीकम्पोस्ट इकाइयां स्थापित की और 1515 किसानों को पशुपालन आधारित कृषि पद्धति से लाभान्वित किया गया
-महिला सशक्तिकरण के तहत छात्राओं को कृषि अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करे के लिए 71 हजार 502 छात्राओं को 10+2 कृषि, स्नातक एवं स्नातकोत्तर कृषि और पीएचडी में अध्ययन के लिए क्रमशः 15 हजार, 25 हजार और 40 हजार रुपए प्रति छात्रा प्रतिवर्ष के अनुसार 129.26 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई
-किसानों को नवीन तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए 7.79 लाख रुपए (महिला एवं पुरुष) किसानों को प्रशिक्षित किया गया
-राज्य में अब तक 66.22 लाख ढैंचा बीच मिनिकिट का निशुल्क वितरण किया गया, जिस पर 63.33 करोड़ रुपए का व्यय हुआ
-भूमि सुधार के लिए 3.31 लाख ढैंचा बीज मिनिकिट का निशुल्क वितरण हुआ, जिस पर 32.38 करोड़ रुपए का व्यय हुआ
-50 हजार किसानों को गोवंश से जैविक खाद उत्पादन करने के लिए गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना शुरू कर प्रति किसान 10 हजार रुपए की सहायता का प्रावधान किया गया
-2.50 लाख किसानों का चयन कर 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती गतिविधियां क्रियांवित हो रही हैं
--- कृषि विभाग को उपलब्धियों के लिए मिला सम्मान ---
-ऋषिकेश में आयोजित राष्ट्रीय कांफ्रेंस में धौलपुर जिले में शत प्रतिशत आनलाइन फसल कटाई प्रयोग करने पर प्रथम पुरस्कार
-प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की ओर से राज किसान साथी चरण-- के लिए गवर्नमेंट प्रोसेस री-इंजीनियरिंग फार डिजिटल ट्रांसफर्मेशन के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड (रजत) मिला
-केरल (तिरुवंनतपुरम) में राष्ट्रीय कांफ्रेस में हनुमानगढ़ जिले को फसल बीमा के नवाचार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान किया गया
-प्रौद्योगिकी सभा हैदराबाद में एंटरप्राईज एप्लीकेशन श्रेणी में ई-गवर्नेंस पुरस्कार मिला
-भुवनेश्वर (उड़ीसा) में आयोजित कांफ्रेंस राज किसान साथी ईज-आफ डूईंग फार्मिंग को एक्सीलेंस इन डिजिटल कवर्नेंस श्रेणी में पुरस्कार मिला
बड़ी बात यह है कि एक तरफ तो किसानों के लिए बजट में प्रावधान लगातार बढ़ाया जा रहा है और दूसरी तरफ सिंचाई विभाग के माध्यम से किसान के खेत तक पानी पहुंचाने की दिशा में भी काम हो रहे हैं. पीकेसी-ईआरसीपी के तहत 17 जिलों की तकदीर और तस्वीर बदलने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है. इंटरलिंकिंग आफ रिवर के तहत सूखाग्रस्त जिलों के भी दिन फिरने वाले हैं. कुल मिलाकर कहा जाए तो भजनलाल सरकार ने अपने दो बजट प्रावधानों के तहत किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही पानी के स्थायी समाधान की तरफ भी ध्यान दिया ताकि किसान के खेत तक पानी पहुंचे और वह उत्पादन में सहयोग प्रदान कर सके.
राज्य सरकार के दोनों कृषि बजट में महिला कृषकों को भी ध्यान रखा गया और मानसून की मेहर से रबी व खरीफ की फसलों की बुवाई में इजाफा हो सका है. इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश के प्रगतिशील किसान डेनमार्क की यात्रा कर चुके हैं और अब वह किसान विदेशी नवाचारों की जिलास्तर पर जानकारी अन्य किसानों के साथ साझां कर रहे हैं. आगामी बजट में दूसरी विदेश यात्रा की घोषणा हो सकती है. अब में माना जा रहा है कि सरकार आगामी बजट में किसानों के लिए स्थायी और मजबूत प्रावधान करेगी.