VIDEO: मादक पदार्थ तस्करों पर कसता राजस्थान पुलिस का शिकंजा, अब तक की सबसे बड़ी गांजे की खेप पकड़ी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में मादक पदार्थों के तस्करों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और झुंझुनूं पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब तक की सबसे बड़ी गांजे की खेप पकड़ी है. गुरुवार देर रात उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र में ट्रक से 10 क्विंटल से अधिक अवैध गांजा बरामद किया गया. इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपए आंकी गई है. पुलिस ने मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

एडीजी दिनेश एम.एन. के निर्देशन और डीआईजी दीपक भार्गव और एएसपी सिद्धांत शर्मा की सुपरविजन में गठित विशेष टीम को सूचना मिली थी कि उड़ीसा से गांजे की बड़ी खेप राजस्थान लाई जा रही है. सूचना पर टीम ने मध्य प्रदेश की झालावाड़ सीमा से ही ट्रक कंटेनर का पीछा शुरू कर दिया. लगातार तीन दिन तक निगरानी और तकनीकी साधनों की मदद से पुलिस ने तस्करों की हर गतिविधि पर नज़र रखी. आखिरकार झुंझुनूं पुलिस को अलर्ट किया गया और उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र में नाकाबंदी कर ट्रक को रोक लिया गया.

तलाशी में पता चला कि तस्करों ने गांजा छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था. ट्रक की चालक सीट के पीछे एक गुप्त तहखाना बनाया गया था, जिसमें गांजे के कट्टे भरे हुए थे. जब इन्हें बाहर निकाला गया तो कुल 1014 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ. बरामदगी के साथ ही मौके से सीकर जिले के दांतारामगढ़ निवासी प्रमोद गुर्जर (20) और जाजोद निवासी सुभाष गुर्जर (23) को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि यह खेप उड़ीसा से मंगवाई गई थी और शेखावाटी क्षेत्र के कुख्यात तस्करों – राजू पचलंगी और गोकुल – को सप्लाई की जानी थी. 

पुलिस ने उदयपुरवाटी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब इस नेटवर्क की फंडिंग, खरीद-फरोख्त और अन्य तस्करों की पहचान के लिए गहन पूछताछ की जा रही है.इस सफलता के पीछे एजीटीएफ और झुंझुनूं पुलिस की संयुक्त रणनीति रही. एएसआई शंकर दयाल शर्मा और हेड कांस्टेबल संदीप गांधी को सबसे पहले गांजे की खेप की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद एजीटीएफ इंस्पेक्टर सुभाष सिंह तंवर के नेतृत्व में बनी टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया. झुंझुनूं एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के समन्वय और सीओ नवलगढ़, एसएचओ उदयपुरवाटी व उनकी टीम के सक्रिय सहयोग से यह कार्रवाई सफल हुई. 

ऑपरेशन में जयपुर और झुंझुनूं की पुलिस टीमों के कई जवानों ने तकनीकी और मैदानी स्तर पर अहम भूमिका निभाई.एडीजी दिनेश एम.एन. ने इस कार्रवाई को एजीटीएफ के मिशन “नशा मुक्त राजस्थान” की बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि नशे का अवैध कारोबार युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है और पुलिस हर हाल में इस पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से राजस्थान में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आने वाले समय में और भी अहम खुलासे होने की संभावना है.