जैसलमेर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसलमेर दौरे पर हैं. जैसलमेर में रक्षा मंत्रालय की कंसल्टेटिव कमेटी की बैठक को मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया. भारत का रक्षा उत्पादन 46,429 करोड़ से बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा. वर्ष 2029 तक रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य है. भारत का रक्षा निर्यात 2014 में 2 हजार करोड़ रुपये से भी कम था. अब देश का रक्षा निर्यात बढ़कर करीब 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा. रक्षा निर्यात के लिए 50 हजार करोड़ का लक्ष्य, इससे भी आगे निकलने का भरोसा है.
स्वदेशी हथियारों के विकास पर सरकार का विशेष जोर:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक और स्वदेशी हथियारों के विकास पर सरकार का विशेष जोर है. DRDO की ओर से नई स्कीम्स लॉन्च,आधुनिक हथियारों और मिसाइलों का परीक्षण हो रहा है. निजी क्षेत्र की कंपनियों को रक्षा उत्पादन में समान अवसर सरकार दे रही है. MSME से लेकर बड़ी कंपनियां तक रक्षा क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही है. रक्षा उत्पादन में 'होल ऑफ द नेशन' अप्रोच के साथ भारत आगे बढ़ रहा है. आधुनिकीकरण, तकनीक के साथ मानव संसाधन को बताया सशस्त्र बलों की सबसे बड़ी ताकत है. बदलते युद्ध के स्वरूप के अनुसार तीनों सेनाओं के स्ट्रक्चर और फॉर्मेशन में सुधार हो रहे है. आर्मी के 'असनी भैरव' और 'शक्ति बाण' जैसे नए प्लेटफॉर्म का जिक्र किया. आधुनिकीकरण का मतलब सिर्फ नए हथियार खरीदना नहीं है. ऑपरेशनल तैयारियों और स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करना भी जरूरी है.
भारतीय सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली से बाहर बैठक आयोजित करने का उद्देश्य सदस्यों को चर्चा के लिए अधिक समय देना है. सीमावर्ती और फॉरवर्ड इलाकों की जमीनी हकीकत जानने का अवसर मिलता है. बैठक का मुख्य विषय रहा भारतीय सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण है. वैश्विक सुरक्षा और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच आधुनिकीकरण जरूरी है. रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-ईरान तनाव ने युद्ध की तस्वीर बदली. आधुनिक युद्ध में ड्रोन,मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका बढ़ रही है.
रक्षा आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने लगातार बढ़ाया बजट:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों के लिए सेनाओं को तैयार करना जरूरी है. रक्षा आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने लगातार बजट बढ़ाया. वित्तीय वर्ष 2026-27 में देश का रक्षा बजट 7.85 लाख करोड़ रुपए है. आधुनिकीकरण,कैपिटल प्रोक्योरमेंट के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान है. रक्षा बजट का प्रभावी और बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर जोर है. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा सरकार दे रही है. रक्षा उत्पादन और निर्यात में 2014-15 के बाद उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समिति के सुझावों को महत्वपूर्ण बताया.