जयपुरः सचिवालय कर्मचारी संघ ने आज पदोन्नति में अनुभव में दो वर्ष की छूट सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर ध्यानाकर्षण रैली की. इस रैली के जरिए सचिवालय स्ट्रेंथ के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों ने हिस्सा लेकर ध्यान खींचा गया तो वहीं पदों में कटौती के संभावित प्रस्ताव के विरोध में एकता और संगठन की शक्ति दिखाने की कोशिश की गई.
सचिवालय में काफी समय से लंबित समस्याओं को लेकर कार्यवाही न होने से सचिवालय कर्मचारी संघ ने ध्यानाकर्षण रैली की.
इन लंबित मांगों को लेकर किया ध्यानाकर्षण
सीएम भजनलाल शर्मा ने सचिवालय में AS के 15 पदों के सृजन की घोषणा की थी लेकिन 1 माह बाद भी इसे लेकर कोई कार्यवाही नहीं हुई.
पदोन्नति के लिए अनुभव में दो वर्ष की छूट को लेकर अनुमोदन और आदेश लंबित.
प्रोबेशनर कर्मियों की फिक्स पे में वृद्धि को लेकर नहीं हुई कार्यवाही
प्रतिनियुक्ति / कार्य व्यवस्था में लगे कर्मियों की मूल स्थान पर पोस्टिंग प्रकरण में करीब दो ही अधिकारियों को किया रिलीव.
RGHS व्यवस्था का सुचारू संचालन
और GPF/ SI/ लीव इनकेशमेंट राशि के समयबद्ध भुगतान है अभी तक अटका हुआ
इसे लेकर मुख्य सचिव से कर्मचारी संघ अध्यक्ष कजोड़मल मीणा, अधिकारी संघ अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा, सहायक कर्मचारी संघ अध्यक्ष हनुमान कुमावत सहित अन्य प्रतिनिधियों ने मुलाकात की और उन्होंने 5 दिनों में वित्त,कार्मिक सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके समाधान का आश्वासन दिया.
उधर सूत्रों का कहना है कि उच्च स्तरीय अधिकारियों की राजकाज की समीक्षा के दौरान पाया कि पेंडिंग PUC के मुताबिक सचिवालय की स्ट्रेंथ में करीब 700 पदों में कटौती संभव है. इसे लेकर भी विरोध सामने आया है.
पूर्व में मिले इन पदों में कटौती को लेकर पूर्व संघ अध्यक्ष भी सामने आए. आज के प्रदर्शन में कर्मचारी संघ अध्यक्ष कपिल देव,सीताराम चौधरी,मेघराज पंवार,शिवजीराम जाट, पूर्व सहायक कर्मचारी संघ अध्यक्ष रामप्रसाद शर्मा, अधिकारी संघ अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा,कर्मचारी संघ अध्यक्ष कजोड़मल मीणा, सहायक कर्मचारी संघ अध्यक्ष हनुमान कुमावत, PA/PS संघ अध्यक्ष सुभाष सिंह,विधि रचना संघ अध्यक्ष निकुंज शर्मा ने भी संबोधन दिया.