रामदेवराः कभी-कभी किसी की छोटी सी सूझबूझ किसी परिवार की सबसे बड़ी खुशी बन जाती है. जैसलमेर जिले के रामदेवरा में ऐसा ही एक भावुक मामला सामने आया है, जहां झारखंड से पांच महीने पहले घर छोड़कर निकला 14 वर्षीय नाबालिग एक होटल में काम करते हुए मिला. होटल संचालक की समझदारी और संवेदनशीलता के चलते पांच महीने से अपने बेटे की तलाश कर रहे पिता को आखिरकार उसका बेटा मिल गया. पिता-पुत्र का मिलन हुआ तो दोनों की आंखें नम हो गईं.
जानकारी के अनुसार झारखंड के देवरगढ़ निवासी 14 वर्षीय बालक करीब पांच महीने पहले पारिवारिक विवाद से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गया था. घर छोड़ने के बाद वह घूमते-घूमते अजमेर पहुंचा, जहां अलग-अलग होटलों में बर्तन साफ करने का काम किया और फुटपाथ पर सोकर अपना गुजारा किया. इसके बाद वह रामदेवरा पहुंचा और यहां स्थित श्रीकृष्णा होटल में काम करने लगा.
होटल संचालक घनश्याम शर्मा ने कई बार बालक से उसके परिवार और घर के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उसने खुद को मजदूरी करने वाला बताते हुए सच्चाई छिपाई. आखिरकार होटल संचालक को उसके परिजनों से संपर्क करने का माध्यम मिला और परिवार को सूचना दी गई. इसके बाद पता चला कि बालक पांच महीने पहले झारखंड से घर छोड़कर आया था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे.
सूचना मिलते ही बालक के पिता रामदेवरा पहुंचे. पांच महीने बाद अपने बेटे को सकुशल सामने देखकर पिता भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. उन्होंने होटल संचालक घनश्याम शर्मा का आभार जताया, जिन्होंने इतने समय तक बालक को सुरक्षित रखा और उसका ख्याल रखा. वहीं बालक ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसा कदम नहीं उठाने की बात कही. यह मिलन उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बना, जो अपनों से बिछड़ने का दर्द झेल रहे हैं.