VIDEO: राजस्थान के तीन बड़े बांधों पर होगा सुधार कार्य, 225 करोड़ रपए की आएगी लागत, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : प्रदेश में मानसून पूर्व छोटे बड़े बांधों में सुधार कार्य शुरू हो चुके हैं. लेकिन प्रदेश के तीन सबसे बड़े बांधों पर सरकार का फोकस रहेगा. इन बांधों में जल प्रबंधन को और बेहतर करने के साथ ही पेयजल व सिंचाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से काम होंगे. लंबे समय बाद हो रहे सुधार कार्यों में क्या कुछ होगा और कितना पैसा खर्च किया जाएगा.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश की सभी जल प्रबंधन योजनाओं की माइक्रो लेवल पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं. स्पष्ट निर्देश हैं कि बारिश से पहले सभी व्यवस्था चाक-चौबंद हो जानी चाहिए ताकि पानी की बूंद को सहेगा जा सके. इसी क्रम में छोटे-बड़े सभी बांधों पर सुधार कार्य शुरू किए जा रहे हैं ताकि बारिश के दौरान बेहतर संधारण दिखाई दे सके.

डैम रिहैबिलिटेशन एंड इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (ड्रिप फेज-2) के तहत राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज के आधुनिकीकरण पर करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से कार्य कराए जाएंगे. सभी काम बांधों के पुनर्वास और सुरक्षा सुधार के तहत होंगे. इनके लिए निविदा जारी कर दी गई है. इससे क्षेत्र में जल प्रबंधन, सिंचाई और विद्युत उत्पादन को अधिक सुदृढ़ किया जा सके. 

--- राणा प्रताप सागर बांध के नीचे (डाउनस्ट्रीम में) जवाहर सागर बांध ---
करीब 33.66 मीटर ऊंचे जवाहर सागर बांध की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी
साथ ही 99 मेगावाट क्षमता वाले पावर हाउस की दक्षता बढ़ाने पर भी काम होगा 
बांध की  चंबल नदी के प्रवाह नियंत्रण और डाउनस्ट्रीम जल प्रबंधन में अहम भूमिका
15.24 मीटर चौड़ाई और 13.41 मीटर ऊंचाई के 12 रेडियल गेट का सुधार होगा
बांध की कुल भराव क्षमता 67.11 एमसीयूएम 

--- चम्बल परियोजना का प्रमुख जल भंडारण केन्द्र राणा प्रताप सागर ---
जल उपलब्धता के साथ-साथ 172 मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता 
राणा प्रताप सागर बांध के 17 वर्टिकल क्रेस्ट गेट, गेन्ट्री क्रेन, 4 स्लुइस गेट, 
स्टॉपलोग गेट बदलेने और स्काई-जंप बकेट की मरम्मत का काम होगा
सभी वर्टिकल गेट 18408 क्यूमेक्स तक की बाढ़ निकासी क्षमता रखते हैं

--- कोटा बैराज के गेटों का होगा रिप्लेसमेंट ---
कोटा जिले की लाडपुरा तहसील में बना यह बांध
66 साल से नहीं हो सका हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यो में कोई बड़ा रिप्लेसमेंट
बांध के19 रेडियल गेट और 2 स्लुइस गेट की स्थिति ठीक नहीं 
अब बांध के 19 रेडियल गेटों, 2 स्लुइस गेटों, 2 सैट स्टॉपलोग गेट
और गैन्ट्री क्रेन और विद्युत उपकरणों को बदलने का कार्य होगा 
सुधार के बाद कोटा और बूंदी जिलों की पेयजल-सिंचाई व्यवस्था होगी और बेहतर
कोटा बैराज का जल स्तर 854.50 फीट पर बना रहेगा

तीनों बांधों पर सुधार कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और समयबद्ध पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है. जल संसाधन विभाग की मानें तो तीनों बांधों के उन्नयन से जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ उनकी आयु में भी वृद्धि होगी. हाड़ौती क्षेत्र की सिंचाई और पेयजल सुरक्षा भी लम्बे समय तक सुनिश्चित रहेगी और शहरी विकास को भी गति मिलेगी.