जयपुरः संघ प्रमुख मोहन भागवत राजस्थान प्रवास पर है. नागौर प्रवास के दौरान संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि मनुष्य का सार्थक बनना यशस्वी बनने से ज्यादा महत्वपूर्ण है. विद्यार्थी जीवन में यशस्वी तो बनेंगे ही, लेकिन सार्थक बनना जरूरी. दुनिया को आज सार्थक जीवन जीने वाले लोगों की जरूरत है. सफलता के साथ समाज के लिए उपयोगी बनना भी जरूरी. विजय की कामना करें, लेकिन विजय असुर विजय नहीं हो. विजय धर्म की होनी चाहिए. शिक्षा सही चुनाव करने की दिशा दिखाती है.
मनुष्य को असफल होने की कामना नहीं करनी चाहिए. विद्यार्थियों को हमेशा विजय की कामना करनी चाहिए. लेकिन विजय असुर विजय नहीं, धर्म विजय होनी चाहिए. विजय का उद्देश्य समाज और मानवता का हित होना चाहिए. सिर्फ सफलता हासिल करना ही जीवन का लक्ष्य नहीं. जीवन को सार्थक बनाना भी उतना ही जरूरी. दुनिया को आज सार्थक मनुष्यों की आवश्यकता है.