जयपुर: फसलों की उत्पादकता में बढ़ोतरी, वैल्यू एडिशन, निजी निवेश, बाजार एकीकरण और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही राजस्थान में स्पेशल फार्मिंग जोन स्थापित किए जाएंगे. बड़ी बात यह है कि जोन में किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी और निजी हाथों को जोड़कर उनकी आय में बढ़ोतरी हो सकेगी. राजस्थान में स्पेशल फार्मिंग जोन में कौन-कौन की फसलें शामिल होंगी और केंद्र का किस रूप में सहयोग रहेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन के तहत नीति आयोग देश में स्पेशल फार्मिंग जोन (SFZ) पर काम कर रहा है. इसी के तहत पिछले दिनों से नीति आयोग के सदस्य प्रो. के.वी. राजू ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से राजस्थान में चार फसलों के लिए SFZ बनाने पर विस्तार से चर्चा की थी. उसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर नागौर में बैठक आयोजित वहां अश्वगंधा के फार्मिंग जोन के लिए स्टेक होल्डर के साथ बैठक भी हुई.
बतादें कि नीति आयोग ने राज्य सरकार को कुछ सुझाव दिए हैं. आयोग ने बताया कि राजस्थान में हल्दी, अनार, अदरक और अश्वगंधा के SFZ बनाए जा सकते हैं. इसके के लिए प्रथम चरण में 10 हजार एकड़ में एक जोन स्थापित करने और 5 हजार से अधिक किसानों को जोड़ने की बात की गई. हल्दी के लिए 4,000 एकड़, अनार के लिए 3,000 एकड़, अदरक के लिए 1,500 एकड़ और अश्वगंधा के लिए 1,500 एकड़ भूमि पर बातचीत की गई. जोन स्थापित करने का जो मॉडल प्रस्तुत किया गया. उसमें FPO की 15% , राज्य एजेंसी की 15%, प्राइवेट कंसोर्टियम की 30% और बाकी अन्य पार्टनर की सुनिश्चितता तय करने पर जोर दिया गया.
नीति आयोग ने राज्य सरकार से किया आग्रह
-राज्य में SFZ के लिए उपयुक्त क्लस्टर/स्थानों का चिन्हीकरण किया जाए
-निजी कंपनियों, FPO, सहकारी समितियों से नए प्रस्ताव आमंत्रित करने के प्रचार-प्रसार किया जाए
-राज्य की प्राथमिकताओं के अनुसार Concept Note को संशोधित करने की स्वतंत्रता रखी जाए
-हितधारकों की बैठक आयोजित की जाएं, जिसमें नीति आयोग प्रस्तुतीकरण देगा
-नाबार्ड/नैबकान की ओर से वित्तीय सहयोग का आश्वासन भी प्राथमिकता में शामिल रहे
नीति आयोग से बैठक के बाद राज्य सरकार ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है. उद्यानिकी विभाग को नोडल बनाया गया ताकि स्पेशल फार्मिंग जोन के लिए प्राप्त प्रस्तावों का निरीक्षण किया जा सके. संभावित जिलों के चयन पर भी काम शुरू हो गया है. हाल ही नागौर में बैठक कर वहां अश्वगंधा का फार्मिंग जोन बनाने के लिए क्षेत्र चिन्हित किया गया और स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक भी हुई. ताकि प्रदेश में जल्द से जल्द स्पेशल फार्मिंग जोन के तहत किसानों को जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित करने पर काम किया जा सके.