कथित अवैध धार्मिक स्थल और गौशाला का मामला, JDA की नजर के सामने बढ़ता रहा अतिक्रमण, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः एक तरफ तो जेडीए की ओर से सड़क चौड़ी करने के लिए पिछले दिनों बरसों पुराने धार्मिक स्थल हटाए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ द्रव्यवती नदी की बेशकीमती सरकारी भूमि पर हाल ही अवैध रूप से बने धार्मिक स्थल और गौशाला को हटाने के मामले में प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है. यह तो तब है जब पिछले तीन-चार महीने से यह मामला जेडीए के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में हैं. 

मामला है तहसील सांगानेर के पटवार हल्का श्योपुर के ग्राम दहलावास के खसरा नंबर 354 की भूमि का. सीतापुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में द्रव्यवती नदी से लगती इस 14 हैक्टेयर भूमि की किस्म गैर मुमकिन नदी है. गैर मुमकिन नदी किस्म वाली यह भूमि जेडीए स्वामित्व की है. पिछले छह महीने में इस जमीन पर कब्जे की नीयत से अवैध रूप से धार्मिक स्थल का निर्माण कर गौशाला का संचालन किया जा रहा है. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर भूमि पर कब्जे के मामले में जेडीए की ओर से पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था.      

-गत 8 जून को नंदपुरी अंडरपास के पास 80 फीट सेक्टर रोड को चौड़ा करने के लिए पांच धार्मिक स्थलों के निर्माण हटाए गए थे
-मंदिर,मस्जिद,मजार,चबूतरा व सत्संग भवन के सड़क सीमा में आ रहे निर्माणों को हटाया गया था
-द्रव्यवती नदी की इस बेशकीमती भूमि पर कब्जे की नीयत से हाल ही धार्मिक स्थल व गोशाला का निर्माण किया गया है
-स्थानीय लोगों की ओर से जेडीए में इस बारे में शिकायत भी दर्ज कराई गई है
-पिछले तीन-चार महीने से यह मामला जेडीए के जोन व प्रवर्तन शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में हैं
-इसके बावजूद मामले में प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है
-प्रभावी कार्यवाही तो दूर की बात जिम्मेदार अधिकारियों की नजर में आने के बावजूद सरकारी भूमि पर कब्जे का सिलसिला नहीं थम रहा
-कब्जा कम होने या यथावत रहने के बजाए कब्जे को पक्का करने की कवायद की जा रही है
-धार्मिक स्थल के ऊपर और भी अधिक संख्या में टीनशैड लगा दिए गए हैं
-यहीं नहीं गौशाला के प्रचार प्रसार के लिए इस भूमि के दोनों तरफ दूर-दूर तक जगह-जगह "श्रीश्याम गौशाला सीतापुरा" के नाम से सूचना लिखवा दी गई है
-मामले भले ही जेडीए के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में काफी पहले से ही था
-इसके बावजूद गत 12 जून को ही जेडीए की ओर से जिला कलक्टर को यहां के गौवंश को स्थानांतरित करने के लिए पत्र लिखा गया है
-पत्र में कहा गया है कि इस अवैध गौशाला में 70-80 गौवंश को अनुदानित गौशाला में स्थानांतरित किया जाना है
-जेडीए के इस पत्र के अनुसार 75 सौ वर्गमीटर भूमि में से 290 वर्गमीटर भूमि पर तारबंदी कर अतिक्रमण किया हुआ है
-जेडीए प्रशासन ने द्रव्यवती नदी के दोनों तरफ खाली भूमि चिन्हित करने के अभियंताओं को निर्देश दिए थे
-लेकिन इस पूरी कवायद में सवाल यह उठता है कि जमीन तलाशने के दौरान जेडीए अधिकारियों की आखिर इस भूमि क्यो नहीं नजर नहीं पड़ी?
-RUHS के सामने वाली सड़क पर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया में द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट से सटती इस मौके की जमीन पर क्यों नजर नहीं पड़ी?
-बेशकीमती भूमि के इस खेल में क्या जेडीए की प्रवर्तन शाखा के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत है?
-स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां पर कब्जा कोई रातों-रात नहीं हुआ है बल्कि पिछले करीब छह महीने से भूमि हथियाने की कारगुजारी जारी है
-गौशाला का संचालन दिखाने के नाम पर भूमि के बड़े हिस्से में बाड़े बनाकर गायों को रखा गया है
-वहीं इसके अलावा कई स्थानों पर टीनशेड डालकर कमरों का निर्माण किया गया है
-कब्जा करने के लिए यहां कई लोगों का निवास भी कराया जा रहा है
-जानकार बताते हैं धार्मिक स्थल और गौशाला के कथित रूप से संचालन की आड़ में पूरी जमीन को डकारने की तैयारी है
-भूमि को चारों तरफ जाली लगाकर घेरा गया है और जगह-जगह धार्मिक झंडे लगाए गए हैं
-विशेषज्ञों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट व हाई कोई के तमाम आदेशों के तहत निर्माण नहीं किया जा सकता
-नदी-नाले की भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता