सरकार ने हमारी तीनों मांगें मानी, CJP ने आंदोलन लिया वापस, कहा- छात्र जंतर मंतर से तुरंत अपने घर लौटें

सरकार ने हमारी तीनों मांगें मानी, CJP ने आंदोलन लिया वापस, कहा- छात्र जंतर मंतर से तुरंत अपने घर लौटें

नई दिल्ली­: CJP ने आंदोलन वापस ले लिया है. तीनों मांग मानने के बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया है. केंद्र सरकार और CJP ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. CJP ने कहा कि छात्र जंतर मंतर से तुरंत अपने घर लौटें. सरकार ने हमारी तीनों मांगें मानी है. वहीं जेपी नड्डा ने कहा कि CJP के साथ लंबी बातचीत हुई. FIR रद्द करने की बात मानी. भविष्य में कोई एक्शन नहीं होगा. 

इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पोस्ट कर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मैं पिछले 4 दशकों से छात्र,शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त,समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा. आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ. उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं. किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई. 

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच CBI को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया. हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए. इसके लिए WHOLE OF GOVERNMENT APPROACH के तहत काम किया गया. इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही. साथ ही, छात्रों,अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई. पहले ही दिन से, इस पर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे. किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे. 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे. जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली. इस दौरान कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने बाधा डालने की कोशिश की. जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ.

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं. तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं. बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं. पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है. देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है. इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं. देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे.    

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें. इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है. मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन,विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. साथ ही मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं. जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है,मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा. प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता,ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा.