जयपुर: ग्रहण के दौरान लाल-तांबे जैसा चांद दिखेगा. पूर्ण चंद्र ग्रहण में 'ब्लड मून' का अद्भुत नजारा बनेगा. पृथ्वी की छाया से चंद्रमा का रंग बदलेगा. सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आएंगे. पृथ्वी की पूरी छाया में चंद्रमा समाएगा. नीली रोशनी बिखरेगी, लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुंचेगी.
वायुमंडल से छनकर चंद्रमा पर लाल किरणें पड़ेगी. इसी वजह से लाल और कॉपर रेड चांद दिखेगा. दुनियाभर में ब्लड मून का दुर्लभ नजारा दिखेगा. खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास यह ग्रहण रहेगा. करीब 5 घंटे 39 मिनट तक खगोलीय घटना चलेगी.
भारत में दिन होने से ब्लड मून नहीं दिखेगा. भारत में ग्रहण अदृश्य, इसलिए सूतक काल भी नहीं है. रक्षाबंधन पर ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा. बिना किसी बाधा के पूरे दिन राखी बांधी जाएगी.
ग्रहण के दौरान लाल-तांबे जैसा दिखेगा चांद:
-पूर्ण चंद्र ग्रहण में बनेगा 'ब्लड मून' का अद्भुत नजारा
-पृथ्वी की छाया से बदलेगा चंद्रमा का रंग
-सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा आएंगे एक सीध में
-पृथ्वी की पूरी छाया में समाएगा चंद्रमा
-नीली रोशनी बिखरेगी, लाल रोशनी पहुंचेगी चंद्रमा तक
-वायुमंडल से छनकर चंद्रमा पर पड़ेगी लाल किरणें
-इसी वजह से लाल और कॉपर रेड दिखेगा चांद
-दुनियाभर में दिखेगा ब्लड मून का दुर्लभ नजारा
-खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास रहेगा यह ग्रहण
-करीब 5 घंटे 39 मिनट तक चलेगी खगोलीय घटना
-भारत में दिन होने से नहीं दिखेगा ब्लड मून
-भारत में ग्रहण अदृश्य, इसलिए सूतक काल भी नहीं
-रक्षाबंधन पर ग्रहण का नहीं होगा कोई प्रभाव
-बिना किसी बाधा के पूरे दिन बांधी जाएगी राखी