जयपुरः आज भारत महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर,अंबेडकर के लिखे संविधान से चल रही सरकार. दूसरी ओर कहा गया गणतंत्र आज सुरक्षित नहीं. ये सियासी संदेश बुलंद आवाज में सुने गए जयपुर की बड़ी चौपड़ से. गणतंत्र दिवस पर पक्ष और विपक्ष ने परंपरानुसार कार्यक्रम. सीएम भजन लाल शर्मा ने शहर बीजेपी के मंच से झंडारोहण किया तो वही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शहर कांग्रेस के मंच से. सीएम भजन लाल शर्मा ने पीएम मोदी की अगुवाई में देश विश्वगुरू बनने जा रहा ,राजस्थान में डबल इंजन सरकार शानदार काम कर रही. जूली बोले गणतंत्र में वोटर का वोट काटा जा रहा.
चाहे कालखंड रहा हो सुखाड़िया या फिर शेखावत का. राजस्थान की राजधानी जयपुर का बड़ी चौपड़ परंपरा दर परंपरा निभाता रहा. गवाह बना देश की आजादी से जुड़े पर्व को मनाने का. सत्ता पक्ष से मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने तिरंगा फहराया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, विधायक बाल मुकुन्दाचार्य, शहर अध्यक्ष अमित गोयल समेत प्रमुख नेता मौजूद रहे. सीएम भजन लाल शर्मा ने गणतंत्र पर बड़ी चौपड़ से कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर को नमन जिन्होंने देश को संविधान दिया आज मोदी जी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था में भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया मोदी जी के नेतत्व में लगातार देश आगे बढ़ रहा राजस्थान में भी डबल इंजन सरकार लगातार काम कर रही
शहर कांग्रेस के मंच से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने झंडारोहण किया ,पीसीसी चीफ डोटासरा , विधायक रफीक खान, विधायक अमीन कागजी, पूर्व मंत्री महेश जोशी,पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास,शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी मौजूद रहे. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंच से अपने संबोधन में कहा कि
गणतंत्र में शंकराचार्य का अपमान हो रहा सनातन का अपमान किया जा रहा गौ हत्या के खिलाफ मुहिम चलाने वाले से डिग्री पूछी जा रही जो खुद अपनी डिग्री नहीं दे पाए वो शंकराचार्य से सर्टिफिकेट मांग रहे.
चाहे सुखाडिया का सियासी युग हो या फिर भैरों सिंह शेखावत का. गणतंत्र दिवस और स्वाधीनता दिवस के अवसर पर राजधानी जयपुर का हृदय स्थल कहे जाने वाले बड़ी चौपड़ एक अनूठी सियासत का साक्षी बनता है. यहां सत्ताधारी और विपक्षी दल परम्परानुसार झंडारोहण करते है. करीब 76सालों से यह परम्परा चली आ रही है. पहले झंडारोहण सत्तापक्ष की ओर से होता है और ठीक उसके बाद विपक्षी दल के नेता राष्ट्रीय ध्वज फहराते है. राजस्थान में सदैव दो ही दल प्रमुख रहे बीजेपी और कांग्रेस. बीजेपी और कांग्रेस दोनों अलग दिशाओं में तिरंगा फहराते है. मंच भी दोनों के समीप ही लगते है. यहां तिरंगा फहराने का कोड़ ऑफ कंडक्ट निर्धारित है. पहले सत्ता पक्ष और कुछ देर बाद ही विपक्ष के नेता झंडा फहराते है. सत्तापक्ष के मंच का मुंह रामगंज चौपड़ की ओर यूं कहे पूर्व की ओर देखता हुआ होता है ,वहीं विपक्षी पार्टी के मंच का मुंह सांगानेरी गेट की ओर देखता हुआ रहता है. मुख्यमंत्री ही सत्तापक्ष की ओर से यहां झंडा फहराते आए है वहीं विपक्षी की ओर से नेता प्रतिपक्ष.
खास बात यह कि बड़ी चौपड़ पर झंडारोहण कार्यक्रम का आयोजन दोनों दलों की जिला यूनिट करती है. बहरहाल सियासी संदेशों से परे छोटी काशी के ह्र्दय में बसे बड़ी चौपड़ पर लहराता तिरंगा कौमी एकता का संदेश देता है ,यहीं आजादी की मूल भावना है. जिसे दलों की दिवारों को तोड़कर जयपुर का बड़ी चौपड़ बरसों से निभा रहा.