पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी आज, हमले के एक साल में घाटी में काफी कुछ बदल गया

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी आज, हमले के एक साल में घाटी में काफी कुछ बदल गया

नई दिल्ली: आज पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी है. आंतकियों ने 22 अप्रैल 2025 को 26 लोगों को गोलियों से भून दिया था. श्रीनगर से करीब 95 किमी दूर बैसरन घाटी में खूनी खेल हुआ था.  इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. 

इस आतंकी हमले का बदला लेने भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. एयरफोर्स ने 6-7 मई 2025 की आधी रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की थी. सिर्फ 25 मिनट चले ऑपरेशन में 7 शहरों में 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए थे. 

हमले के एक साल में घाटी में काफी कुछ बदल गया है:
आज कश्मीर के सभी टूरिस्ट स्पॉट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बैसरन घाटी में किसी को भी एक तय सीमा से आगे जाने की इजाजत नहीं है. हमले के एक साल में घाटी में काफी कुछ बदल गया है. बेताब वैली और अरु जैसे पर्यटन स्थलों को सैलानियों के लिए खोला है.  

वहीं बैसरन अब भी प्रतिबंधित इलाका बना हुआ है. वेरिफिकेशन के बाद ही टूरिस्ट और वेंडरों को एंट्री दी जा रही है. हर टूरिस्ट स्पॉट्स पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. जगह-जगह जवान तैनात, ताकि हर एक मूवमेंट पर नजर रखी जा सके. CRPF के जवान लगातार टूरिस्ट स्पॉट्स और आसपास के इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे हैं.