जयपुर : प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों पर जल्द चिकित्सक लगाए जाएंगे. इन पदों को अधिशेष एवं एपीओ चल रहे चिकित्सकों से भरा जाएगा. इसमें सीमावर्ती एवं ट्राइबल जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही, एफआरयू एवं ट्रॉमा सेंटर में भी प्राथमिकता के साथ विशेषज्ञ लगाकर इन्हें क्रियाशील किया जाएगा.
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित वीसी में प्रदेशभर के चिकित्सा संस्थानों की मेन पावर पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने एक एक CMHO से फीडबैक लिया और फिर सभी जिलों में संचालित ट्रॉमा सेंटर, जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर आवश्यकता अनुरूप चिकित्सकों के पदस्थापन के निर्देश दिए.
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि ओपीडी- आईपीडी में मरीजों के भार को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों की आवश्यकता की जानकारी तत्काल भेजें ताकि अत्यधिक आवश्यकता वाले स्थानों पर जल्द चिकित्सकों का पदस्थापन किया जा सके. उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि स्थानांतरण उपरांत निर्धारित अवधि में चिकित्सक ज्वाइन करें. आदेश की अवहेलना करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.
-प्राथमिकता से पूरा किया जाए मॉडल CHC का काम
-स्वास्थ्य भवन में आयोजित VC में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने दिए निर्देश
-VC में चिकित्सा मंत्री ने सभी CMHO से खाली पदों का लिया फीडबैक
-खींवसर ने प्रत्येक विधानसभा में मॉडल सीएचसी एवं बीपीएचयू की मैपिंग करने के निर्देश दिए
-उन्होंने कहा कि मॉडल सीएचसी के कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए,
-ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों
बैठक में निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ मधु रतेश्वर, निदेशक अराजपत्रित राकेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.