2019/09/17 10:31
स्वर्णनगरी की अर्थव्यवस्था यहां के पर्यटन पर निर्भर है, फिलहाल पर्यटन पिट रहा है तो बाजार मंदी झेलने को मजबूर है. समय रहते हालात नहीं सुधारे तो जैसलमेर शहर के लिए बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है. यहां का पर्यटन खत्म हो जाएगा और स्थाई तौर पर मंदी झेलनी पड़ेगी.
2019/09/08 04:50
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा है कि कोटा के पर्यटन में अब चार चांद लगने वाले है. कोटा में करीब ढाई हजार करोड़ के प्रोजेक्ट से पर्यटन के क्षेत्र में कई अहम कार्य होंगे, जो कोटा को नई पहचान दिलायेंगे.
2019/09/08 03:57
शाही अंदाज में रंगीले राजस्थान की सैर करवाने वाली शाही रेलगाड़ी पैलेस ऑन व्हील्स अपने नये रूप में इस वर्ष के पर्यटन सत्र की पहली यात्रा में जैसलमेर पहुंची.
2019/09/07 11:29
दिल्ली के हाट बाजार में एक स्टॉल राजस्थान पर्यटन विकास निगम को मिली. आरटीडीसी ने इसे चलाने से इनकार कर दिया. फिर राज्य सरकार ने पत्र लिखकर इसे होटल्स कॉरपोरेशन के नाम अलॉट करवाया. कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने एक निजी कम्पनी पर ऐसी मेहरबानी दिखाई कि 19 वर्ष में भी कम्पनी को बदलने के लिए कोई प्रयास नहीं किए हैं. 
2019/09/06 15:59
जयपुर: दिल्ली हाट में फूड स्टॉल पर होटल्स निगम के अधिकारी दे रहे तर्क, वर्ष 2000 से हर वर्ष निगम को हो रहा किराए के रूप में फायदा, शुरुआत में दिल्ली हाट को 16500 रुपए किराया दे रहे थे, जबकि निगम को स्टॉल संचालक से 38750 रुपए किराया मिल रहा था, हर वर्ष 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई स्टॉल संचालक पर, वर्तमान में निगम दिल्ली हाट प्रशासन को 64900 रुपए किराया दे रहा, जबकि निगम होटल्स निगम स्टॉल संचालक से 198368 रुपए किराया ले रहा, इस तरह बिना पूंजी व श्रम नियोजन के 133468 रुपए की आय हर माह हो रही, लेकिन अधिकारी ये नहीं सोच रहे कि यदि नए सिरे से करते टेंडर, तो दूसरी फर्म के जरिए 2 से 3 गुना अधिक किराया वसूली संभव, दिल्ली हाट प्रशासन के साथ अनुबंध की शर्तों में बदलाव कराना भी है संभव.
2019/09/06 15:59
जयपुर: शर्तों के आंकड़े में कंपनी को फायदा दे रहे अधिकारी, राजस्थान राज्य होटल्स निगम के अधिकारी हो रहे मेहरबान, दिल्ली हाट में संचालित गोपाल रेबारी की दुकान पर मेहरबान, कह रहे, शर्त संख्या 10 के तहत लाइसेंस सबलेट नहीं कर सकते, शर्त है कि निगम को खुद ही चलानी होगी फूड स्टॉल, सवाल यही कि फिर कैसे गोपाल रेबारी को दिया है संचालन.
2019/09/06 15:59
जयपुर: शर्तों के आंकड़े में कंपनी को फायदा दे रहे अधिकारी, राजस्थान राज्य होटल्स निगम के अधिकारी हो रहे मेहरबान, दिल्ली हाट में संचालित गोपाल रेबारी की दुकान पर मेहरबान, कह रहे, शर्त संख्या 10 के तहत लाइसेंस सबलेट नहीं कर सकते, शर्त है कि निगम को खुद ही चलानी होगी फूड स्टॉल, सवाल यही कि फिर कैसे गोपाल रेबारी को दिया है संचालन.
2019/09/06 15:58
जयपुर: 19 वर्ष में नहीं किया दूसरी बार टेंडर, दिल्ली हाट में संचालित फूड स्टॉल संख्या 9 का प्रकरण, वर्ष 2000 में दिया था गोपाल रेबारी की निजी फर्म को, होटल्स निगम के नाम पर गोपाल रेबारी संचालित कर रहा स्टॉल, दिल्ली हाट प्रशासन फूड स्टॉल का आवंटन 2 वर्ष के लिए करता है, सफलतापूर्वक संचालन पर 2 साल के लिए बढ़ाई जाती है अवधि, होटल्स निगम हर 2 साल में गोपाल रेबारी का बढ़ा रहा अनुबंध, पिछले 19 साल से गोपाल रेबारी संचालित कर रहा फूड स्टॉल, होटल्स निगम के अफसर दूसरा टेंडर करते तो बढ़ता रिवेन्यू.
2019/09/06 15:58
जयपुर: दिल्ली हाट में एक निजी फर्म पर मेहरबान अधिकारी, राजस्थान राज्य होटल्स निगम के अधिकारियों ने किया खेल, 15 फरवरी 2000 को निगम ने स्टॉल संचालन के टेंडर निकाले, 23 फरवरी 2000 को निविदा में गोपाल रेबारी को चुना गया, 36000 रुपए प्रतिमाह स्टॉल संचालन का किराया रखा, 1 अप्रैल 2000 से निगम को यह स्टॉल संचालन के लिए मिली, 60.39 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थित है फूड स्टॉल, दिल्ली हाट प्रशासन ने किराया तय किया 16500 रुपए, निगम ने गोपाल रेबारी के लिए किराया तय किया 38750 रुपए.
2019/09/06 15:58
जयपुर: 19 वर्ष में नहीं बदला किराएदार !, राजस्थान होटल्स निगम लिमिटेड के अफसरों की मेहरबानी, दिल्ली के हाट बाजार में 19 वर्ष से लगी है एक ही स्टॉल, स्टॉल संचालक बदलने के लिए नहीं की कवायद, लग रहा राजस्व का चूना, पारदर्शिता ताक पर, नियम की आड़ बना स्टॉल संचालक को पहुंचा रहे फायदा.
2019/09/05 02:46
प्रदेश के पश्चिमी चार जिलों को अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने की जिम्मेदारी यूनेस्को निभाएगा. आज पर्यटन भवन में पर्यटन व देवस्थान मंत्री विश्वेंद्र सिंह की मौजूदगी में प्रमुख सचिव श्रेया गुहा और यूनेस्को के कंट्री डायरेक्टर एरिक फॉल्ट ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए.
2019/08/30 03:25
घना पक्षी अभ्यारण्य के बाद अब शिक्षा नगरी कोटा देशी-विदेशी परिंदो की शरण स्थली के रूप में विकसित होता जा रहा है. चाहे वह साइबेरियन पक्षी हो या हिमालय की ब्लैक काइट या फिर सारस पक्षियों का जोडा.

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