अवैध कॉलोनियां काटने के मामले में आगरा रोड सबसे आगे, सस्ते दामों पर कृषि भूमि खरीद कर महंगे दामों पर बेच रहे भूखंड, देखिए खास रिपोर्ट

अवैध कॉलोनियां काटने के मामले में आगरा रोड सबसे आगे, सस्ते दामों पर कृषि भूमि खरीद कर महंगे दामों पर बेच रहे भूखंड, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः अवैध कॉलोनियां काटने के मामले में जयपुर का आगरा रोड इलाका सबसे आगे है. जेडीए के क्षेत्राधिकार में आगरा रोड इलाके में शामिल किए गए नए क्षेत्र में भी तेजी से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं. ऐसे ही एक बड़ी अवैध कॉलोनी का मामला सामने आया है. 

पिछले वर्ष 3 अक्टूबर को नगरीय विकास विभाग ने अधिसूचना जारी कर जेडीए के क्षेत्राधिकार में बढ़ोतरी की थी. बस्सी तहसील के दूधली गांव को भी जेडीए रीजन में शामिल किया गया है. जेडीए रीजन में शामिल होने के कारण यहां जमीनों के बाजार भाव बढ़ने के साथ ही यहां भू कारोबारी सक्रिय हो गए हैं. इसी गांव में शिवम गार्डन के नाम से अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है. गांव के खसरा नंबर 10,  11,  12,  13,  15,  21,  21/1, 50, 54 व 55 की भूमि पर यह अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है.

अवैध कॉलोनियां काटने के मामले में जयपुर का आगरा रोड इलाका सबसे आगे
इस इलाके का जो क्षेत्र जेडीए के रीजन में हुआ है शामिल
उस क्षेत्र में तेजी से काटी जा रही हैं अवैध कॉलोनियां
बस्सी तहसील का दूधली गांव हाल ही जेडीए रीजन में किया गया है शामिल
इस गांव में शिवम गार्डन के नाम से बसाई जा रही है अवैध कॉलोनी
जेडीए की ओर से बिना भूमि रूपांतरण और
बिना ले आउट प्लान अनुमोदन के बसाई जा रही है यह कॉलोनी
अवैध कॉलोनी बसाने के लिए चारदिवारी और सड़कों का तेजी से चल रहा है निर्माण कार्य
इस अवैध कॉलोनी के ले आउट प्लान के आधार पर की जा रही है भूखंडों की बुकिंग
स्थानीय लोगों में चर्चा है कि भू कारोबारियों ने कॉलोनी की भूमि खरीदी थी 25 से 30 लाख रुपए प्रति बीघा में
अब कॉलोनी में 12 से 14 हजार रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से भूखंड बेचे जा रहे हैं
मामले में आरोप है कि कॉलोनी बसाने के लिए गैर मुमकिन रास्ते और गैर मुमकिन तलाई की भूमि पर भी कब्जा किया जा रहा है
कॉलोनी के ले आउट प्लान में चालीस फीट और तीस फीट चौड़ी सड़कें दर्शाई गए है
चालीस फीट और तीस फीट चौड़ी सड़कों के कॉर्नर पर 250 वर्गगज व 350 वर्गगज के बड़े भूखंड रखे गए हैं
तीस फीट चौड़ी सड़कों पर छोटे व बड़े सभी आकार के भूखंड रखे गए हैं
कॉलोनी में 60 वर्गगज, 70 वर्गगज, 84 वर्गगज,88 वर्गगज, 100 वर्गगज और111 वर्गगज आकार के भूखंड रखे गए हैं

इस अवैध कॉलोनी शिवम गार्डन की आगरा रोड से सीधी पहुंच के लिए मौके पर सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. मुख्य आगरा रोड के नजदीक बस रही इस अवैध कॉलोनी पर जेडीए की प्रवर्तन शाखा के जिम्मेदार अधिकारियों की "नजर" में नहीं आना कई सवाल खड़े करता है. इस अवैध कॉलोनी के भू कारोबारियों ने जेडीए में ना तो किसी शुल्क का एक रुपया दिया है और नहीं कॉलोनी में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए कोई जमीन छोड़ी है    

प्रदेश में लागू टाउनशिप नीति के अनुसार भू रूपांतरण के बाद ही कॉलोनी बसाई जा सकती है
लेकिन यह कॉलोनी बिना भू रूपांतरण कराए सीधे ही कृषि भूमि पर बसाई जा रही है
टाउनशिप नीति के अनुसार किसी भी आवासीय योजना के लिए जेडीए से ले आउट प्लान अनुमोदन जरूरी है
लेकिन भू कारोबारियों ने केवल अपनी कमाई के चलते मनमर्जी से अवैध कॉलोनी का ले आउट प्लान बना दिया
निर्धारित नियमों के तहत भूखंड व सुविधा क्षेत्र के बीच अनुपात 60:40 होना चाहिए
लेकिन कॉलोनी की एक-एक इंच की भूमि बेचने के फेर में पूरी जमीन पर भूखंड काटे गए हैं
कॉलोनी में भूखंडों के आगे सड़क छोड़ने की मजबूरी में 30 फीट चौड़ी सड़कें रखी गई है